पटना: बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विरोधी उन्हें ‘पलटू राम’ कहते हैं. इसका कारण ये है कि वो कभी भाजपा विरोधी थी फिर NDA के साथ सरकार चला ली और अचानक NDA से अलग हो गए. नीतीश जब NDA से अलग हुए तो उन्होंने साफ़ कहा था कि वापिस भाजपा के साथ जाने का सवाल ही नहीं. उन्होंने तो यहाँ तक कहा था कि हम रहें या मिट्टी में मिल जाएँ..भाजपा के साथ नहीं जायेंगे.

कुछ ही सालों में नीतीश कुमार ने फिर पलटी मारी और NDA के साथ हो गए. उनके इस कमाल ने अच्छों अच्छों को चौंका दिया था. सार्वजानिक राजनीति में इतने बड़े पद पर कई सालों से होने के बाद भी नीतीश कुमार ने जिस तरह अपनी ही बात काटी, लोगों ने उनको सीरियस लेना ही छोड़ दिया. इस बार के विधानसभा चुनाव में प्रचार के आख़िरी दिन नीतीश ने पूर्णिया में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा,”चुनाव का आखिरी दिन है. इसके बाद चुनाव खत्म हो जाएंगे और यह मेरा आखिरी चुनाव है. अंत भला तो सब भला.”

तब उनके इस बयान पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने तंज़ कसा था. लालू यादव के अकाउंट से एक पुराना वीडियो जारी हुआ जिसमें नीतीश भाजपा के साथ कभी वापिस न जाने की बात कह रहे थे और अब भाजपा के साथ हो गए. चुनाव ख़त्म हो गए हैं और जदयू का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है. हालाँकि NDA के पास किसी तरह बहुमत तो आ ही गया है. अब नीतीश कुमार ने अपने ही बयान से कन्नी काट ली है. नीतीश कुमार ने बयान दिया है कि उन्होंने रिटायरमेंट की बात नहीं कही थी, मीडिया ने इसको ग़लत समझा. उन्होंने तो यहाँ तक कहा कि वो हर चुनाव के आख़िरी दिन यही कहते हैं.

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