ऐसा कहा जाता है कि टेस्ट क्रिकेट में जो बात है वो किसी और फॉर्मेट में नहीं है. कई बार ये बात सा’बित भी हो जाती है. असल में एक दिवसीय हो या टी२० ये तो क्ष’णिक रो’मांच दे देते हैं लेकिन असली उता’र-च’ढ़ाव तो टेस्ट में ही देखने को मिलता है. कहा जाए कि टेस्ट अपने नाम पे ख’रा उतरता है तो ग़ल’त न होगा. टेस्ट क्रिकेट खिलाड़ी का असल टेस्ट ले लेता है. टेस्ट क्रिकेट में भी सबसे अधिक चर्चा में कोई श्रंख’ला रहती है तो वो है अशेज़.

अशेज़ सीरीज़ इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जाती रही है. इस साल भी अशेज़ में पूरा रोमां’च है. सीरीज के तीसरे टेस्ट में जो न’तीजा आया है उसके बाद सब हैरा’न रह गए हैं. इंग्लैंड और ऑस्ट्रलिया के बीच हुए इस मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया सीरीज में 1-0 से आगे था. पहला टेस्ट वो जी’त गया था जबकि दूसरा बिना किसी न’तीजे के स’माप्त हो गया. तीसरे टेस्ट में भी इंग्लैंड की शुसुआत निहा’यत ख़’राब ही मानी जायेगी.

पहली पारी में यूँ तो ऑस्ट्रेलिया महज़ 179 पर आल आउट हो गई लेकिन इंग्लैंड की टीम तो 67 पर ही आल आउट हो गई. दूसरी पारी में भी ऑस्ट्रेलिया ने सूझ बूझ से बल्लेबाजी की और 246 रन बनाए. अब इंग्लैंड को अपनी दूसरी पारी में 359 का लक्ष्य हासिल करना था. इंग्लैंड की एक बार फिर ख़’राब शुरुआत हुई लेकिन कुछ कुछ रन खिलाड़ी बनाते भी रहे.

असल में एक तरफ़ स्टोक्स टि’क गए और वो पुछुल्ले बल्लेबाज़ों के साथ रन जोड़ते चले गए. स्टोक्स की शानदार बल्लेबाजी की वजह से इंग्लैंड ने ये मैच एक विकेट से जीत लिया. स्टोक्स ने नाबाद 135 रन बनाये. उन्होंने आख़िरी विकेट के लिए लीच के साथ मिलकर 76 रन की साझेदारी की. ये साहेदारी कुल 61 गेंद की थी, इसमें से 44 गेंदे स्टोक्स ने खेलीं और 74 रन बनाये, वहीँ लीच ने 17 गेंदें खेलीं और एक रन बनाया. स्टोक्स को इस पारी के लिए प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया.

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