मुंबई: महाराष्ट्र के राजनीतिक संकट की चर्चा पूरे देश में है. शिवसेना और भाजपा ने चुनाव पूर्व अपने गठबंधन को तोड़ दिया है. अब शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बीच गठबंधन में लगभग सहमति बन गई है और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अब सहयोगी कांग्रेस पार्टी के फ़ैसले का इंतज़ार कर रही है. इस बीच देश के पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने कहा है कि कांग्रेस अगर शिवसेना की सरकार को समर्थन देती है तो वो उसे पाँच साल तक डिस्टर्ब न करे.

जेडीएस के अध्यक्ष देवेगौड़ा ने कहा कि बालासाहब (ठाकरे) ने भाजपा को महाराष्ट्र में जगह दी थी, अडवाणी और वाजपयी बाला साहब के घर गए थे और उनसे विनती की थी कि उन्हें महाराष्ट्र में सीटें दे दें. उन्होंने कहा कि भाजपा ने इसका फ़ायदा उठाया और यही कारण है कि उद्धव ठाकरे ने स्टैंड लिया है कि इन्हें एक सबक़ सिखाना है. उन्होंने कहा,”अब ये कांग्रेस और एनसीपी पर निर्भर करता है कि वो भाजपा को नीचे लायें.”

जेडीएस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि अगर कांग्रेस शिवसेना को समर्थन देने का फ़ैसला करती है तो वो उसे पाँच साल डिस्टर्ब न करे..तभी लोग कांग्रेस पर भरोसा करेंगे. ख़बर है कि कांग्रेस पार्टी ने शिवसेना को समर्थन देने का मन बना लिया है. पार्टी में विचार बस इस बात को लेकर चल रहा है कि वो सरकार में शामिल हो या नहीं. राज्य के नेता मानते हैं कि सरकार में शामिल होने से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और पार्टी ज़मीन पर और मज़बूत होगी.

एक दूसरा पक्ष ऐसा भी है जो मानता है कि बाहर से समर्थन दे देना ज़्यादा बेहतर है बजाय सरकार में शामिल होने के. आपको बता दें कि मीडिया में ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि शिवसेना का मुख्यमंत्री और एनसीपी का उपमुख्यमंत्री होगा. अगर कांग्रेस भी सरकार में शामिल होती है तो दो उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं, एक एनसीपी तो एक कांग्रेस का उपमुख्यमंत्री होगा.

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