उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर रोज़ नेताओं के दल-बदल करने का सिलसिला जारी है. ताज़ा झटका कांग्रेस को लगा है और फ़ायदा भाजपा को हुआ है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी की ओर से जारी लिस्ट में स्टार प्रचारक आरपीएन सिंह ने आज कांग्रेस छोड़ दी. इसके कुछ देर बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थम लिया.


मीडिया में इस तरह की भी ख़बरें आने लगीं कि आरपीएन सिंह को सपा के नेता स्वामी प्रसाद मौर्या के ख़िलाफ़ चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है. कुछ मीडिया रिपोर्ट में ये ख़बर आयी है कि आरपीएन सिंह पडरौना से टिकट मिलने के आश्वासन पर ही भाजपा में शामिल हुए हैं. पडरौना से सपा ने स्वामी प्रसाद मौर्या को उम्मीदवार बनाया है.

आरपीएन सिंह के स्वामी प्रसाद मौर्या के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने की ख़बर के बाद मौर्या ने एक बड़ा बयान दिया है. सपा के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा,”मेरा एक छोटा सा कार्यकर्ता भी आरपीएन सिंह को हराने की क्षमता रखता है.’ मौर्या फ़िलहाल पडरौना सीट से विधायक हैं.


इसके पहले भाजपा में शामिल होने के बाद आरपीएन सिंह ने ट्वीट किया,”यह मेरे लिए एक नई शुरुआत है. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह के दूरदर्शी और नेतृ्त्व और मार्गदर्शन में राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान के लिए तत्पर हूं.”

आरपीएन सिंह के पार्टी छोड़ने पर कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया आयी है. कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी जो लड़ाई लड़ रही है वो सिर्फ़ बहादुरी से लड़ी जा सकती है. इसके लिए हिम्मत और ताक़त चाहिए. प्रियंका गांधी ने कहा है कि कायर लोग यह लड़ाई नहीं लड़ सकते.’

झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा,”यह दुःख की बात है. कई प्रभारी आए और गए, कोई बात नहीं. उन्होंने बहुत सोच-विचार के बाद फ़ैसला किया होगा. हम कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं, हम यहीं जिएंगे और मरेंगे. हमें लगता है कि उनका फ़ैसला ग़लत है.”