हिजाब की तुलना सिखों के कृ’पाल या कड़ों से करना गलत: सुप्रीम कोर्ट… क्या सिर्फ मुसलामनों का….

September 9, 2022 by No Comments

सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को हिजाब बैन मामले पर सुनवाई हुई. इस दौरान कोर्ट ने कहा कि हिजाब की तुलना सिखों के लिए अनिवार्य केश, कड़ा, कृपाण जैसी चीजों से नहीं की जा सकती. कोर्ट ने कहा, “ये सिखों के लिए अनिवार्य हैं. उन्हें भारत में संवैधानिक और कानूनी मान्यता है कर्नाटक हिजाब मामले की सुनवाई के तीसरे दिन कोर्ट ने ये टिप्पणी तब की, जब हिजाब समर्थक पक्ष के वकील बार-बार सिखों की वेशभूषा का हवाला दे रहे थे।

वही सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिए गए इस टिप्पणी पर सोशल मीडिया में मुसलमानों में ज़ब’रदस्त नारा’जगी दिखाई दे रही है एक यूज़र जुरार अहमद लिखते हैं.. दूसरे तिलक लगाएँ….दाढ़ी बढ़ाएं, कृपाण लेकर चलें…पगड़ी बाँधें…सुप्रीम कोर्ट की नज़र में ये सब ठीक है….इसकी नज़र में इन्हें इनका संवैधानिक अधिकार है…..बस अधिकार नही है तो सिर्फ मुस्लिमों को…न तो हिजाब का,न दाढ़ी रखने का….और कोर्ट के अनुसार ये मुस्लिम दूसरे समुदाय की इन सब बातों का हवाला भी नही दे सकते….

उन्होंने आगे लिखा ये है स्वघोषित विश्वगुरु के सुप्रीम कोर्ट का न्याय….बात जब तर्क पर हो तो बात हो सकती है लेकिन जब आपके सामने वाला व्यक्ति कुतर्क कर के हठधर्मिता पर उतारू हो तो फिर बात/इंसाफ/उम्मीद वहीं खत्म हो जाती है ।। मुस्लिमों के समक्ष इंसाफ के रखवाले की जो बची खुची साख और इज़्ज़त थी उसकी भी अब अर्थी निकल रही है।

आपको बता दें सुनवाई के तीसरे दिन हिजाब समर्थक पक्ष के 2 वकीलों देवदत कामत और निज़ाम पाशा ने अपनी जिरह पूरी की. कोर्ट ने सोमवार, 12 सितंबर को दोपहर 2 बजे सुनवाई जारी रखने की बात कही है. आज जिरह करने वाले दोनों वकीलों का जोर इस बात पर रहा कि हाई कोर्ट ने इस्लामिक धार्मिक किताबों में लिखी बातों का सही अर्थ नहीं समझ।

Leave a Comment

Your email address will not be published.