पहले त्रिपुरा के मुसल’मानों के घरों और मस्जि’दों को बनाया गया निशा’ना, सरकार अब उनकी अवज़ उठाने वालों के….

November 8, 2021 by No Comments

बांग्लादेश की घ’टना को वजह मानकर त्रिपुरा में मुसलमानों के साथ हिं’सा की गई जो लगातार 11 दिनों तक चली इस हिं’सा में बजरंग दल के लोगों ने 15-16 मस्जिदों और कई घरों, दुकानों को नि’शाना बनाया अब आरो’प है पुलिस की तरफ से दं’गा भड़’काने वालों के खिलाफ अभी तक पुलिस की तरफ से कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई।

मिल्लत टाइम्स की खबर के अनुसार पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ एक्शन लिया है जिन्होंने त्रिपुरा से जुड़ी घ’टनाओं को लोगों तक ट्वीट करके पहुंचाया था पुलिस ने त्रिपुरा मामले पर पोस्ट करने वाले 102 सोशल मीडिया अकॉउंट पर गलत सामग्री पोस्ट करने के आ’रोप में UAPA समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है मिल्लत टाइम्स के अनुसार जिन लोगों पर  UAPA लगया गया है उनमें ज़्यादा तर मुस्लिम है।

पुलिस का कहना है कि इन लोगों ने सोशल माडिया के जरिए लोगों तक गलत खबर पहुंचाई है, 102 नाम की लिस्ट में ज्यादातर पत्रकार शामिल है उनमें एक नाम श्याम मीरा सिंह का भी है। इन्होंने ट्विट करके लिखा था- Tripura is Burning’ यानी त्रिपुरा ज’ल रहा है। मीडिया को दिए गए बयान में पत्रकार श्याम मीरा सिंह ने कहा कि त्रिपुरा की BJP सरकार ने मेरे तीन शब्दों को ही आधार बनाकर UAPA लगा दिया है। पहली बार में इस पर हंसी आती है, दूसरी बार में इस बात पर लज्जा आती है, तीसरी बार सोचने पर ग़ुस्सा आता है।

उन्होंने कहा ग़ुस्सा इसलिए क्योंकि ये मुल्क अगर उनका है तो मेरा भी है मेरे जैसे तमाम पढ़ने-लिखने, सोचने और बोलने वालों का भी जो इस मुल्क से मोहब्बत करते हैं, जो इसकी तहज़ीब, इसकी इंसानियत को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस तरह अन्य लोगों ने भी इस घटना की निंदा की। सुप्रीम कोर्ट के कुछ वकीलों की टीम इस घटना की तह तक पहुंचने के लिए त्रिपुरा पहुंची। फैक्ट फाइंडिंग टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 26 अक्टूबर की रैली के तीन दिन पहले से लोगों को उकसाना शुरू कर दिया गया था।

फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट के अनुसार हिं’दू धर्म के लोगों को लगातार भड़’काया गया नतीजतन 26 अक्टूबर को 50 से अधिक जगहों पर तकरीबन 10 हजार लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई। अनियंत्रित भीड़ ने दर्जनों मस्जिदों और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के घरों को नि’शाना बनाया। रिपोर्ट सामने आने के बाद त्रिपुरा पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के खिलाफ भी गं’भीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया।मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने टीम मेंबर पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज के मुकेश और नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स के अंसार इंदौरी को नोटिस भी भेजा है।

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