क्या CAA-NRC से होगा भाजपा को असम में नुकसान? सर्वे में कांग्रेस को मिल रही इतनी सीटें..

March 26, 2021 by No Comments

कल पांच राज्यों में होने वाले चुनाव के लिए मतदान शुरू होने जा रहे हैं जो के पहले राजनीतिक पार्टियों द्वारा जमकर सियासत की जा रही है एक तरफ से बंगाल केरल और तमिलनाडु है और दूसरी तरफ असम। पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा में से भारतीय जनता पार्टी के आसार सिर्फ 2 राज्यों में जीत के बन रहे हैं। लेकिन अब असम विधानसभा चुनाव के लिए हुए एक सर्वे में भी भाजपा के लिए चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं।

दरअसल एक तरफ असम में जहां घु’सपैठ आ’तंक’वाद के खा’त्मे का मुद्दा उठाया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी जैसे मुद्दों को भुनाने में जुटी हुई है। असम में किसकी सरकार बनेगी यह तो 2 मई को ही पता चलेगा। लेकिन कुछ ओपिनियन पोल के नतीजे सामने आए हैं।

न्यूज़ चैनल एबीपी न्यूज़ सी वोटर के साथ मिलकर असम में एक चुनावी सर्वे करवाया है। जहां मतदान से पहले जनता का मूड जाने की कोशिश की गई है। इस सर्वे में पाया गया है कि भारतीय जनता पार्टी को असम में 65 से 73 सीटें मिलने के आसार हैं। वहीं कांग्रेस के खाते में 50 से 60 सीटें जा सकती हैं।

इसके अलावा 0 से 4 सीटें अन्य दलों के कब्जे में जाने की उम्मीद जताई जा रही है। गौरतलब है कि असली परिणाम आने में महीने भर से ज्यादा का वक्त है, लेकिन बीजेपी हाईकमान के लिए ये पोल एक राहतभरी खबर है।

आपको बता दें कि असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं। जिसमें से 64 बहुमत का आंकड़ा है। 2016 के चुनाव में एनडीए ने राज्य में कुल 87 सीटें जीती थीं।जिसमें बीजेपी के खाते में 64, एजीपी के पास 14 और बीपीएफ की 12 सीटें थीं। इस बार चुनाव आयोग ने तीन चरण में चुनाव करवाने का फैसला लिया है।

जिसके तहत 27 मार्च, 1 और 6 अप्रैल को वोटिंग होगी, जबकि 2 मई को रिजल्ट आएगा। बताया रहा है कि असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर जाने की एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून लागू हो तो गया है। लेकिन एनआरसी और सीए का असम में काफी बड़े स्तर पर विरोध हुआ है।

चुनाव प्रचार में भी विपक्षी दलों ने इन दोनों मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी को जमकर घेरा है। एनआरसी लागू होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों के नाम इस लिस्ट में आए हैं। गौरतलब है कि बीते साल बिहार में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान एनआरसी ना’गरिकता सं’शोधन कानून का ज्यादा प्रभाव नहीं दिखा था। लेकिन अब असम विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए CAA-NRC के लिए अग्निपरीक्षा की तरह है।

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