बिहार में इस मुद्दे पर पलट सकती है सियासत, लालू प्रसाद और नीतीश कुमार दोनों एक…

August 14, 2021 by No Comments

जनसंख्या नियंत्रण कानून के मुद्दे पर बिहार में एनडीए के सहयोगी दलों की सहमति नहीं बन पा रही है। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी के बीच एक बार फिर से टकराव देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही राज्य में जातीय जनगणना का मुद्दा भी गर्माता हुआ नजर आ रहा है।

कल इस संदर्भ में राजद नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा है। तेजस्वी यादव का कहना है कि इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पीएम मोदी से काफी वक्त से समय मांग रहे हैं। लेकिन इसके विपरीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अन्य नेताओं के साथ मुलाकात की है जबकि नीतीश कुमार को अभी तक समय नहीं दिया गया।

इसी बीच खबर सामने आई है कि राजद द्वारा जा’तीय जनगणना के मुद्दे पर दिखाए जा रहे आ’क्राम’क रुख ने जनता दल यूनाइटेड को भी बैकफुट लाने का काम किया है। वहीं भाजपा नेता भी अब इस मुद्दे पर खुलकर बोलते हुए नजर आ रहे हैं। इस मामले में उत्तर प्रदेश के भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्या ने केंद्र सरकार से माँग की है कि जा’तीय जनगणना कराई जाए।

जा’तीय जनगणना के मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का पक्ष एक ही है। वहीं भाजपा जोकि राज्य में जदयू का साथी है। जा’तीय जनगणना का विरो’ध करती नज़र आ रही है। बिहार भाजपा के नेता इस पर अपना विरो’ध जताते नज़र आ रहे हैं।

लालू प्रसाद यादव की पार्टी राजद ने दत्‍तात्रेय होसबोले के बयान पर एक खबर को भी शेयर किया है। इस ट्वीट में लिखा गया है,”मुट्ठीभर चितपावन ब्रा’ह्मणों के जा’तिवादी सं’गठन की इतनी औ’क़ात भी नहीं कि देश के 85% SC/ST/OBC के आ’रक्षण को रोक दें।

भागवत ने एक बार बोला था, क्या हश्र हुआ था, पता है ना? आरएसएस तुम्हारी सारी चा’लाकियां समझते हैं. तुम सोचते हो सब बेच आ’रक्षण को बैकडोर से खत्म कर देंगे. नहीं होने देंगे.”दरअसल हाल में ही आ’रएसएस के दत्‍तात्रेय होसबोले ने आरक्षण के विषय में बयान दिया था. उन्होंने अपने बयान में कहा था कि संघ आरएसएस का ‘पुरज़ोर समर्थक’ है।

भारत का इतिहास पिछड़े और द’लि’तों के इतिहास के बगैर ‘अधूरा’ है। वे सा’माजि’क परिवर्तन में अग्रणी रहे हैं। रिजर्वेशन सकारात्मक कार्रवाई का जरिया है। आपको बता दें कि राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि राजद का ट्वीट संकेत दे रहा है कि राजद इस मुद्दे पर आगे बढ़कर सामने आ रही है, ये बात आरएसएस को परेशान कर रही है।

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