शिमला। हिमाचल प्रदेश की भाजपा सरकार पर आर्थिक संकट मंडरा रहा है. सरकार इस परेशानी से उबरने के लिए कुछ क़दम उठाने जा रही है. ‘हिमाचल अभी अभी’ पर छपी ख़बर के मुताबिक़ राज्य सरकार इस संकट से उबरने के लिए क़र्ज़ लेने जा रही है. सरकार एक हज़ार करोड़ का क़र्ज़ लेगी. वित्त विभाग के अनुसार यह कर्ज विकास योजनाओं के लिए लिया जा रहा है। करीब एक माह के अंतराल में सरकार द्वारा ली जा रही कर्ज की यह रकम सरकार के खजाने में 27 जनवरी को जमा होगी। सरकार को यह कर्ज दो किस्तों में मिलेगा।

प्रदेश सरकार को यह कर्ज की राशि आगामी 10 व 12 सालों में चुकानी होगी। बता दें कि हिमाचल सरकार (Himachal Govt) पर वर्तमान में करीब 62 हजार करोड़ का कर्ज है चढ़ा हुआ है। इससे पहले प्रदेश सरकार ने करीब एक माह पहले दिसंबर में भी इतना ही कर्ज़ लिया था। जबकि इससे पूर्व अक्टुबर माह में भी कर्ज़ उठाया गया था। वर्तमान में हिमाचल सरकार पर करीब 62 हज़ार करोड़ का कर्ज चढ़ा हुआ है। यह कर्ज साल दर साल बढ़ता जा रहा है। कर्ज की किस्त और ब्याज देने में ही हर साल सरकार के हजारों करोड़ रुपये खर्च हो जाते हैं।

बता दें कि देश सहित प्रदेश पर छाई कोरोना (Corona) महामारी के चलते और प्रदेश में लगाए गए लॉक डाउन के कारण भी प्रदेश सरकार की अर्थव्यवस्था (Economy) तहत नहस हुई है, जिसे पटरी पर लाने के लिए भी प्रदेश सरकार को बार बार कर्ज का सहारा लेना पड़ रहा है। कोरोना काल में अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान की वजह से प्रदेश की आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने की चुनौती फिलहाल सरकार के समक्ष बनी हुई है। हालांकि कोरोना काल में केंद्र से मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान की करोड़ों की रकम के साथ-साथ एसडीआरएफ के तहत प्रदेश को केंद्र से मिली मदद से सरकार को थोड़ी राहत जरूरी मिली थी, लेकिन इसके चुनौतियां कम नहीं हो रही हैं।

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