उत्तर प्रदेश एटीएस की तरफ से 12 जुलाई को अलकायदा के सदस्य होने के आरोप में दो मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया गया था उन पर आ’तंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरो’प लगाया गया था गिरफ्तार युवकों में एक का नाम मुसीरुद्दीन जबकि दूसरे का नाम मिनहाज है यूपी एटीएस ने दोनों आरो’पियों के बारे में कहा है कि वह अलकायदा के अंसार ग़ज़वतुल हिन्द के सदस्य होने के साथ 15 अगस्त के अवसर पर मानव बम का प्रयोग करने वाले थे।

अब खबर सामने आ रही है उन दोनों मुस्लिम युवकों को कानूनी सहायता देने के लिए जमीअत उलमा हिंद ने बड़ा फैसला लिया है मिलने वाली जानकारी के अनुसार इस संबंध में गिरफ्तार युवकों के परिवार वालों ने जमीअत उलमा हिंद से कानूनी सहायता मांगी है आपको बता दें जमीअत उलमा ए हिंद ऐसे बहुत से नौजवानों के केस लड़ रही है जिन पर इस तरह के आरोप लगे हैं और बहुत से लोग कोर्ट से बरी भी हुए हैं।

इस मामले में जमीयत कानूनी इमदाद कमेटी के अध्यक्ष गुलजार आज़मी ने कहा है कि आरोपियों के परिवार वालों की ओर से कानूनी सहायता का मांगने और जमीअत उलमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी के आदेश पर आरो’पियों को कानूनी सहायता देने का फ़ैसला लिया है जिसके लिए जमीयत उलमा ए हिंदी ने ऐडवोकेट फुरकान खान को नियुक्त भी किया है ।

गुलजार आज़मी ने कहा है कि उन्हें निर्देश दिया गया है कि वह अदालत से मुकदमे से संबंधित दस्तावेज को निकाले जिसमें रिमांड रिपोर्ट, एफआईआर, की प्रति और अन्य चीज़ें शामिल हैं उन्होंने कहा वर्तमान में आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं मुकदमे की अगली सुनवाई पर आरो’पियों के बचा’ओ में एडवोकेट फुरकान अदालत में उपस्थित रहेंगे।

गुलजार आज़मी ने कहा कि लखनऊ के प्रसिद्ध और वरिष्ठ एडवोकेट मोहम्मद शोएब ने भी जमीअत उलमा से आरो’पियों का मुकदमा लड़ने का अनुरोध किया था आपको बता दें जमीयत के प्रयासों से अब तक सैकड़ों युवक आतंकवाद के मुकदमा में रिहा हो चुके हैं ।

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