इसी महीने बिहार में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में सभी पार्टियां एक दूसरे पर आरो’प लगाते हुए नीचा दिखाने की कोशिश कर रही है। इसी बीच जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई नेता कन्हैया कुमार ने भी प्रचार करना शुरू कर दिया है। हालांकि पार्टी की ओर से उन्हें टिक’ट नहीं मिला है लेकिन फिर भी वह चुनावी प्रचार में जु’टे हुए हैं। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर निशा’ना साधा है।

कन्हैया ने कहा, “ज्योतिरादित्य सिंधिया जब कांग्रेस में थे, तब उन्हें खराब कहा जाता था। बीजेपी में जाते ही वो शु’द्ध हो गए। हमने भी कह दिया है… ज्यादा देश’द्रोही-देश’द्रोही कहोगे, तो हम भी बीजेपी में चले जाएंगे। फिर मेरे ऊपर लगे सारे इल्जाम भी धुल जाएंगे। शुद्धिकर’ण हो जाएगा।” कन्हैया ने आगे कहा, “आज लगातार मुझे देशद्रो’ही-देशद्रो’ही कहकर अलं’कृत किया जा रहा है लेकिन, अगर मैं आज की तारीख में बीजेपी के साथ हो जाऊं तो मेरे ऊपर लगाए गए सारे इल्जाम ख’त्म हो जाएंगे।”

बीजेपी ही नहीं बल्कि इस दौरान कन्हैया ने बिना नाम लिए चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी को भी निशा’ने पर लिया। उन्होंने कहा कि एनडीए में दो गठबं’धन चल रहे हैं। एक प्रत्य’क्ष रूप से और एक परोक्ष रूप से। सोमवार को आयोजित एक वर्चु’अल रैली में कन्हैया ने कहा कि बिहार में ईवीएम की जगह सीएम को ही है’क किया जा रहा है। इसलिए जनता को विशेष रूप से सत’र्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बीते चुनाव में लोगों ने बीजेपी के खि’लाफ वोट कर नीतीश कुमार की सरकार बनाई थी, लेकिन थोड़े ही वक़्त में बीजेपी ने सीएम को ही है’क कर लिया और बाज़ी पल’ट दी।

कन्हैया ने कहा कि इसका रिज’ल्ट यह हुआ कि जनता ठगी की ठगी रह गई। कोरो’ना संक’ट काल में इलेक्शन करवाने पर कन्हैया ने कहा, “बीजेपी को लगा कि इस कोरो’ना संक्र’मण के बीच अगर चुनाव करवा लिया जाए तो उन्हें नीतीश कुमार की बैसाखी की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वह अकेले-अकेले सरकार बनाने में सक्षम होंगे। इसी वजह से चुनाव कराने की जल्दबाजी की गई।” पार्टी पर आरो’प कसते हुए कन्हैया ने कहा, “अब जनता समझ चुकी है। जनता विकास के मु’द्दों पर वोट करेगी ना कि जुमलेबाजों की जुमलेबाजी से प्रभावित होकर मतदान करेगी।”

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