जुमा को लेकर खट्टर सरकार द्वरा दिए गए बयान पर, मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने दिखाया आईना, बोला ज़मीन क़ब्ज़ा…

December 13, 2021 by No Comments

हरियाणा में जुम्मा की नमाज को लेकर खट्टर सरकार की तरफ से दिए गए बयान पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की तरफ से सब टिप्पणी आई है आपको बता दें हरियाणा में खुले में जुमा की नमाज को लेकर गुरुग्राम में विरोध की घटना सामने आती रहती है इधर हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने इस पूरे मामले पर सख्त बयान सामने आया है उन्होंने कहा कि कोई अपनी जगह नमाज पढ़ता है तो पढ़ता रहे इसमें हमें कोई दिक्कत नहीं लेकिन खुले में ऐसा कार्यक्रम नहीं होना चाहिए।

मनोहर लाल खट्टर के इस बयान के बाद मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की तरफ से सख्त टीप्पड़ी सामने आई है बोर्ड के महासचिव मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि मुसलमानों को जुमा की नमाज़ से रोकना हरियाणा सरकार का नाजायज़ और अस्वीकार्य कृत्य है फेसबुक पेज पर जारी प्रेस नोट में कहा गया है गुड़गांव में मुसलमानों की बड़ी आबादी है और इस व्यावसायिक शहर में मुसलमान नौकर बड़ी संख्या में हैं, सरकार की ओर से मस्जिद निर्माण की अनुमति न मिलने के कारण मुसलमान खुले स्थानों में नमाज़ अदा करने पर मजबूर हैं।

ऐसे स्थानों पर नमाज़ की अदायगी के लिए कठिनाई होती है और उनको धूप और बारिश बर्दाश्त करनी पड़ती है, लेकिन कम संख्या में मस्जिद होने के कारण मुसलमान मजबूरन ऐसे स्थानों पर नमाज़ अदा कर रहे हैं, फिर भी सरकार का मुसलमानों को जुमा की अदायगी से रोकना अत्यन्त अफ़सोसजनक और अस्वीकार्य कृत्य है, वक़्फ़ की अनेक भूमियाँ सरकार के क़ब्ज़े में हैं, सरकार उन ज़मीनों की वापस नहीं कर रही है, लेकिन मुसलमानों को नमाज़ की अदायगी से रोक रही है।

हालांकि जुमा की अदायगी में बड़ी मुश्किल से एक घण्टे का समय लगता है, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस कृत्य की निन्दा करता है और हरियाणा सरकार से मांग करता है कि वह तत्काल प्रभाव से मुसलमानों को जुमा की नमाज़ की अदायगी के मामले का समाधान करे, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद् और बजरंग दल के आतंकवादियों ने जो रवैया अपनाया हुआ है उनको विधिवत दंड दे और क़ानून व्यवस्था सुनिश्चित करे।

आपको बता दें जुमा की नमाज पढ़ने को लेकर पहले बातचीत हुई थी जिसमें तय हुआ था कि 100 जगहों पर जुमा की नमाज अदा की जाएगा विवाद के बाद बाद सौ की जगह 36 जगह की बात तय हुई उस पर भी विरोध शुरू हुआ फिर 36 की जगह अट्ठारह जगह पर नमाज़ पढ़ने को लेकर मामला तय हुआ अब उसके बाद खट्टर सरकार की तरफ से यह बयान जारी किया गया है इसको लेकर सोशल मीडिया में भी सवाल उठ रहा है मोहम्मद जाहिद लिखते हैं यही लोकतंत्र की खूबसूरती है लोकतंत्र जिंदाबाद धार्मिक आजादी जिंदाबाद।

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