पश्चिम बंगाल में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाला है जैसे-जैसे दिन नज़दीक आ रहा है वैसे वैसे रोमांच बढ़ता जा रहा है सभी पार्टियों ने सत्ता पाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है पश्चिम बंगाल चुनाव पर सभी की नज़रे टिकी हुई है सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी अपनी शाख को बचने में लगी हुई है तो वही भाजपा बंगाल की सत्ता को पाने के लिए अपनी हर मुमकिन कोशिश कर रही है सभी पार्टिया जनता को लुभाने के लिए एक से बढ़कर एक चुनावी वादे कर रही है जिससे जनता को अपनी तरफ पलट सके, इसी बिच ईवीएम वीवी पैड को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है.

ईवीएम वीवी पैड की गिनती करने संबंधी बनगांव के पूर्व विधायक गोपाल सेठ के आवेदन को हाइकोर्ट ने ठुकरा दिया है. मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले को खारिज कर दिया. ज्ञात हो कि ईवीएम वीवी पैड की गिनती के लिए पूर्व विधायक ने इससे पहले चुनाव आयोग से आवेदन किया था, पर आयोग ने भी उनके इस आवेदन को ठुकरा दिया था. इसी आदेश को हाइकोर्ट ने भी बहाल रखा है.

ईवीएम के बारे में- ईवीएम (EVM) मतदाताओं के मत को दर्ज करने का एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है. इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन दो इकाइयों से बनी होती हैं. कंट्रोल यूनिट एवं बैलेटिंग यूनिट. दोनों यूनिट पांच मीटर लंबे केबल से जुड़ी होती हैं. नियंत्रण इकाई पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी के पास होती है, जबकि बैलेट यूनिट को मतदान कम्पार्टमेंट में रखा जाता है.

पश्चिम बंगाल समेत देश के 4 राज्यों एवं एक केंद्रशासित प्रदेश में मार्च से अप्रैल के बीच विधानसभा चुनाव कराये जा रहे हैं. मतदान के लिए इक्लेट्रल रोल, पोलिंग स्टेशन, इवीएम व पोलिंग पर्सनल का होना अनिवार्य है. वहीं ईवीएम को लेकर कई बार विपक्षी पार्टी चुनाव आयोग पर निशाना साध चुकी है.

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