पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में आज प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होनी थी। ऐसा माना जा रहा था कि विपक्षी एकजुटता के मुक़ाबले इमरान बहुमत में काफ़ी पीछे हो गए हैं। परन्तु पाकिस्तान की नेशनल असेम्बली के डिप्टी स्पीकर ने एक ऐसा फ़ैसला ले लिया जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी.

पाकिस्तान की नेशनल असेम्बली के डिप्टी स्पीकर ने प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव को असंवैधानिक करार देकर ख़ारिज कर दिया. इसके पहले स्पीकर को एक अविश्वास प्रस्ताव के ज़रिए हटा दिया गया था. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने अविश्वास प्रस्ताव के ख़ारिज कर दिए जाने के बाद राष्ट्र के नाम संबोधन किया.

उन्होंने जनता से कहा कि चुनाव के लिए तैयार रहें. इमरान ने कहा कि जनता किसे सरकार चुनेगी ये जनता तय करेगी. राष्ट्रपति से मिलकर इमरान ने संसद भंग करने की सिफ़ारिश भी की. पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर द्वारा प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव को वोटिंग से पहले ख़ारिज किए जाने के बाद विपक्षी PPP के नेता बिलावल भुट्टू ज़रदारी ने कहा है कि वो इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट जाएँगे।

बिलावल ने कहा कि उनके पास बहुमत है और स्पीकर ने जो किया वो असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि जॉइंट अपोज़िशन नेशनल असेंबली में धरना देगा और आज ही वोट कराए जाने की माँग सुप्रीम कोर्ट से की जाएगी। बिलावल ने अविश्वास प्रस्ताव को बिना वोटिंग ख़ारिज किए जाने को बचकाना करार दिया। विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी PML-N की नेता मरयम नवाज़ शरीफ़ ने भी एक ट्वीट कर के स्पीकर के फ़ैसले को असंवैधानिक करार दिया.

मरयम नवाज़ ने लिखा,”अपनी कुर्सी बचाने की ख़ातिर पाकिस्तान के संविधान का हुलिया बिगाड़ने की इजाज़त किसी को नहीं दी जा सकती है. इस जुर्म पर इस पागल और जुनूनी शख्स को सज़ा न दी गई तो आज के बाद इस मुल्क में जंगल का क़ानून होगा.” आपको बता दें कि मरयम नवाज़ पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की बेटी हैं. ऐसा माना जा रहा है कि अगले आम चुनाव में PML-N की ओर से मरयम ही प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवार होंगी.

PML-N देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है, इसके बाद PPP है. PPP की ओर से बिलावल भुट्टू प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हो सकते हैं. बिलावल पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो और आसिफ़ अली ज़रदारी के बेटे हैं. इमरान ख़ान की पार्टी PTI है. इमरान की सरकार के पास से बहुमत चला गया था. सहयोगी दलों के अलावा PTI के ही कुछ सांसद विपक्ष के साथ खड़े दिख रहे थे.

विपक्ष का दावा है कि पाकिस्तान की नेशनल असेम्बली (लोकसभा) में अविश्वास प्रस्ताव में हार सामने देख इमरान ने स्पीकर के ज़रिए इस तरह का फ़ैसला दिलवाया है.