देश में जैसे ही CAA यानी Citizenship (Amendment) Act पास हुआ उस दिन से ही इसका विरो’ध होना शुरू हो गया है। जहाँ लोग इसके विरो’ध में नज़र आ रहे हैं वहीं कुछ इसका सम’र्थन भी कर रहे हैं लेकिन अब भी लोगों को ठीक से इस ऐक्ट के बारे में ये नहीं पता है और आधे-अधूरे ज्ञान पर ही लोग इसके सम’र्थन में निकल चुके हैं तो आज जानिए इस ऐक्ट के बारे में और साथ ही ये भी जानिए कि किस तरह से इसका अस’र भारतीय नागरिकों पर पड़ेगा। तो सबसे पहले जानते हैं कि CAA आ’ख़िर है क्या?

CAA यानी Citizenship (Amendment) Act या नागरि’कता संशो’धन अधिनियम, इसके अंत’र्गत भारत की नाग’रिकता देने के सम्बं’ध में कुछ ढी’ल देने की घो’षणा की गयी है। भारत की नाग’रिकता हा’सिल करने के लिए ये ज़रूरी है कि कोई व्यक्ति यहाँ कम से कम 11 वर्षों तक रहा हो लेकिन अब इस ऐक्ट के ज़रिए कुछ ख़ास देशों के नागरिकों को ये ढी’ल दी जा रही है कि अगर वो भारत में 6 साल से रह रहे हैं तो भी उन्हें भारत की नाग’रिकता मिल सकती है। इन देशों में भारत के तीन पड़ोसी देश पाकि’स्तान, बांग्लादेश और अफ़’ग़ानिस्ता’न शामिल हैं।

Citizenship Amendment Act

इस ऐक्ट के अंत’र्गत ये कहा गया है कि भारत के तीन पड़ोसी देशों पाकि’स्तान, बां’ग्लादेश और अफ़ग़ा’निस्तान के अल्पसं’ख्यकों को भारत की नागरिकता देने में ढी’ल दी जाएगी। इनमें जिन समुदायों का नाम शामिल किया गया है वो हैं हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख, पारसी और ईसाई समुदाय। इन समुदायों के शर’णार्थियों को भारत की नाग’रिकता लेने के लिए भारत में केवल 6 साल रहना ही पर्याप्त होगा। इन्हें नाग’रिकता पाने के लिए ये साबित करना होगा कि उनका धा’र्मिक उत्पी’ड़न किया गया है। अगर धर्म का आधा’र न हुआ तो उन्हें नाग’रिकता नहीं मिलेगी या ये कहें कि नाग’रिकता की पुरानी श’र्त यानी 11 साल भारत में रहना ज़रूरी होगा।

Citizenship Amendment Act

इस ऐक्ट में ये भी कहा गया है कि इसमें किसी भी मु’स्लिम समु’दाय के व्यक्ति को नाग’रिकता में ढी’ल नहीं दी जाएगी क्योंकि इन तीनों देशों में मु’स्लिम आबा’दी ज़्यादा है। सर’कार का ये मानना है कि मुस्लिम बहुल इला’क़े में मु’स्लिम व्यक्तियों का धा’र्मिक उत्पी’ड़न नहीं हो सकता। इस मा’मले पर ही इस ऐ’क्ट का विरो’ध हो रहा है क्योंकि इसमें नागरि’कता में ढी’ल देने का आधा’र ध’र्म है। भारत एक ध’र्मनिरपे’क्ष राष्ट्र है और अगर इस तरह ध’र्म को आधा’र बनाकर नागरि’कता का फ़ै’सला किया जाने लगेगा तो भारत अपनी ध’र्मनिरपे’क्ष छ’वि से ही ह’ट जाएगा।

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