बिहार एक ऐसा राज्य है जहां पर राजनीति दिन चर्या का बड़ा हिस्सा है. राजनेता तो राजनेता जनता भी राजनीति में पूरा interest बनाए रखती है. अब यूँ तो बिहार में इन दिनों कोई चुनाव नहीं है लेकिन राजनीतिक दलों में किसी न किसी मुद्दे पर बहस ठनी हुई है. ताज़ा मामला राजद और भाजपा नेताओं की तू-तू मैं-मैं का है.

असल में भाजपा नेता के एक बयान ने राजद नेताओं को नाराज़ कर दिया. असल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री भाजपा नेता जीवेश मिश्र ने राजद पर हमला बोलते हुए कह दिया कि ‘लालूजी अगर चल बसे तो राजद भी चल बसेगा’. भाजपा नेता के इस बयान के बाद राजद नेताओं में ग़ुस्सा साफ़ दिखा.

राजद नेताओं ने भाजपा के राज्य की नम्बर एक पार्टी होने के दावे को भी ख़ारिज कर दिया और भाजपा को सीधे तौर पर चुनौती दे दी कि अगर दम है तो भाजपा राज्य में अपना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करे और फिर चुनाव करा ले. जानकार मानते हैं कि भाजपा के लिए मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करना उसकी सबसे बड़ी समस्या है.

राजद नेताओं ने भाजपा की इस दुःखती रग पर ख़ूब हाथ रखा. असल में भाजपा के मंत्री जीवेश मिश्र ने राजद पर जमकर हमला बोला था. उन्होंने कहा कि राजद और लालू परिवार को लालू की सेहत का ख़याल रखना चाहिए, यदि किसी भी वजह से वे चल बसे तो राजद भी चल ही बसेगा। उन्होंने कहा था कि भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है। वह किसी से नहीं डरती है। इसलिए लालू को देखकर भाजपा के बीमार होने का तो सवाल ही नहीं है। लालू जी को केवल बेल मिली है। उनकी सजा माफ़ नहीं हुई है। इसलिए राजद उनकी चिंता करे।  

इस बात पर पलटवार करते हुए मीनापुर सीट से राजद विधायक मुन्ना यादव ने कहा कि भाजपा ने राजद को लालूजी की चिंता करने की सलाह दी है, लेकिन सच्चाई यह है कि चिंता भाजपा को ही करनी चाहिए। पार्टी की ओर से नंवर वन होने के झूठे दावे किए जाते हैं। वह किस तरह नंबर वन बनी है, यह बात किसी से भी छुपी हुई नहीं है। राजद ही बिहार की नंबर वन पार्टी है। उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा- यदि भाजपा की औकात है तो वह अपना सीएम फेस घोषित करे और उसके बाद चुनाव करा ले। इसके बाद ही साबित हो जाएगा कि कौन नंबर वन और कौन टू है?

इसी प्रकार की बात कुढ़नी से राजद विधायक डॉ अनिल सहनी ने भी की है. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव या उनकी पार्टी अपनी चिंता नहीं करती है। वे हमेशा देश की चिंता करते हैं। जनता की चिंता करते हैं। सामाजिक उत्थान किस प्रकार होगा, इसकी बात करते हैं। इसलिए चिंता भाजपा को ही करनी चाहिए। उन्होंने भी बीजेपी के मंत्री की ओर से भाजपा को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहे जाने तंज किया। कहा, भाजपा केवल जुमला पार्टी बनकर रह गई है। एक भी वादे पूरे नहीं किए जा रहे।

2024 लोकसभा चुनाव को अभी दो साल बाक़ी हैं लेकिन बिहार में राजनीतिक बहसबाज़ी का दौर तेज़ी से चल रहा है. इसका प्रमुख कारण ये भी है कि यहाँ पर सत्ताधारी गठबंधन और विपक्षी गठबंधन में सीटों का अंतर बहुत थोड़ा है. अक्सर इस तरह की ख़बरें आती रहती हैं कि नीतीश कुमार भाजपा का साथ छोड़ देंगे, राजद के साथ चले जाएँगे, लालू यादव कुछ कमाल कर अपनी सरकार बना लेंगे, भाजपा अपना मुख्यमंत्री बना लेगी और नीतीश को दिल्ली भेज देगी. हालाँकि ये सभी कयास और बातें अभी तक महज़ अफ़वाह ही साबित हुए हैं/