पटना/रांची: बिहार की राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले से जुड़े दुमका कोषागार ग़बन मामले में ज़मानत मिलेगी या नहीं, इसका फ़ैसला आज हो सकता है. लालू यादव को कई बीमारियाँ हैं और उनकी उम्र भी काफ़ी ज़्यादा हो चुकी है. इस लिहाज़ से उनकी ज़मानत की मांग उठ रही है. इसी की सुनवाई आज झारखण्ड उच्च न्यायलय करेगा.

एक तरफ़ जहाँ लालू के समर्थन उनकी ज़मानत का इंतज़ार कर रहे हैं वहीँ सीबीआई अदालत में उनकी ज़मानत का विरोध कर रही है. सीबीआई ने लालू प्रसाद की जमानत का विरोध करते हुए कहा है कि इस मामले में लालू ने मात्र 22 माह ही जेल में गुजारे हैं। ऐसे में सजा की आधी अवधि भी पूरी नहीं हुई है। जबकि उच्चतम न्यायालय भी इस मामले में उनकी याचिका खारिज कर चुका है।

एजेंसी का कहना है कि जहां तक उनके स्वास्थ्य की बात है, रिम्स के चिकित्सक लगातार उसपर नजर रख रहे हैं। 15 बीमारियां होने के बावजूद फिलहाल उनकी जान को कोई खतरा नहीं है। इसलिए उन्हें जमानत ना दी जाए। लालू की ओर से उनकी बढती उम्र और ख़राब सेहत का हवाला दिया जा रहा है.

सीबीआई कह रही है कि उनकी जान को कोई ख़तरा नहीं है लेकिन लालू समर्थक कह रहे हैं कि ज़रूरी नहीं है कि जान पर ख़तरा बनाया ही जाए. आठ नवंबर को इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने के लिए सीबीआई द्वारा समय मांगे जाने पर मामले की सुनवाई 22 नवंबर के लिए स्थगित कर दी गई थी। लालू को अगर ज़मानत मिलती है तो ये राजद के लिए बहुत बड़ी ख़बर होगी जबकि उनके विरोधियों को झटका लगेगा.

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