कोरो’नावाय’रस से बचा’व के लिए सरकार द्वारा लागू किए गए लॉ’क डा’उन में काफी लोग अन्य राज्यों में फं’से हुए है। अन्य राज्यों में फं’से लोगों में सबसे ज़्यादा संख्या प्रवासी मजदूरों की है। बता दें कि अब राज्य सरकार फं’से हुए मजदूरों को अन्य राज्यों से वापस लाने की कोशिशों में लगी हुई है। बिहार में नीतीश सरकार भी मजदूरों वापस लाने का प्रया’स कर रही है। इसके चलते आरजेडी के मुखिया और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) ने राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी पर निशाना साधा।

लालू प्रसाद यादव ने इन दोनों को पला’यन, बेरो’ज़गा’री, खरा’ब शिक्षा-स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराया है। शनिवार को एक ट्वीट करते हुए लालू ने कहा कि “पल’टू-सल’टू के गले में अब 15 बरसों का ढ़ोल पड़ा है। ज़रा ज़ोर-ज़ोर से पी’टो..और अपनी उपल’ब्धियां गिनाओ। पला’यन, बेरोज़’गारी, बद’हाल शिक्षा-स्वास्थ्य और क़ानून व्यवस्था, मुज़फ़्फ़रपुर कां’ड, सृजन सहित 55 घोटा’ले, चमकी बु’खार, बाढ़-जल जमाव और जनादेश डकैती जैसी इनकी अनेक विस्मयज’नक उपलब्धियां हैं।”

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव पहले भी नीतीश कुमार के खिला’फ काफी बया’न बाज़ी कर चुके है। हाल ही में खबर आई थी कि उन्होंने एक ट्वीट कर के ये कहां था कि “यूपीए सरकार में हमने विकास’कार्यों के लिए बिहार को 1 लाख 44 हज़ार करोड़ रुपये की धन’राशि दिलाई। 60 हज़ार करोड़ का रेल कारखाना दिया। हमारे दिए पैसे से नीतीश कुमार ने मुंह चमकाया, जब ख़ुद NDA में थे बिहार को फू’टी कौ’ड़ी भी नहीं दिलाई। विकास कार्यों में हमने कभी संकी’र्ण राज’नीति नहीं की।”

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