महि’ला IPS अधिकारी जिसने CM तक को कर लिया था गि’रफ़्तार, 41 बार हो चुका है तबादला..

हमने कई लोग देखें हैं जो ऊँचे पदों पर रहते हैं लेकिन बहुत कम ऐसे हैं जो उस पद के अनुसार बर्ताव करते हैं. कहने का अर्थ है कि ऐसे लोग कम हैं जो अपनी ताक़त का सही इस्तेमाल करते हैं. कुछ लोग ऐसे हैं जो अपनी ताक़त का नाजायज़ इस्तेमाल करते हैं तो कुछ ऐसे हैं जो ताक़त का इस्तेमाल नहीं कर पाते.

आज हम एक ऐसी अफ़सर की बात करने जा रहे हैं जिन्होंने अपने पद का इस्तेमाल सही से किया. आज हम आपको बताने वाले हैं एक आईपीएस के बारे में, जिसने सीएम तक को गिरफ्तार कर लिया। इस आईपीएस ऑफिसर के काम करने के दौरान 20 सालों में 40 बार तबादला भी हो चुका है।

यह काफी अफसोस की बात है कि हमारे देश में ईमानदार लोग काफी कम होते जा रहे हैं। लेकिन इस बात को गलत कर दिखाया इस महि’ला आईपीएस ऑफिसर ने, जिनका नाम है रूपा दीवाकर मोदगिल। इन्हें हर 6 महीने में पोस्टिंग या ट्रांसफर के आर्डर मिल जाते हैं।

रूपा दिवाकर मोदगिल
रूपा कर्नाटक की 2000 बैच की आईपीएस ऑफिसर है। यह रूपा दिवाकर मोदगिल एक जांबाज ऑफिसर है। यह अपने काम एवं अपने फर्ज को हमेशा डिसिप्लिन से निभाती हैं। यह पूरे देश की पहली होम सेक्रेटरी भी है। इन्होंने बचपन से ही ठान लिया था कि इन्हें आईपीएस ऑफिसर बनना है और ऐसी लगन और परिश्रम के कारण उन्होंने अपने मंजिल को पा कर दिखाया है। रूपा दिवाकर ने 20 साल से भी अधिक समय तक अपना काम किया है और आगे भी कर रही हैं। इनके पूरे 20 साल में अब तक इनकी 40 से अधिक बार ट्रांसफर हो चुकी है।

रूपा दिवाकर इंटरव्यू में कह रही थी कि वह जितने साल से अपना काम कर रही है उससे भी अधिक उनका ट्रांसफर हुआ है। साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा है कि उन्हें ट्रांसफर से कोई फर्क नहीं पड़ता। ऐसे सोच सभी पुलिसवाले के होने चाहिए, तभी हमारे देश की तरक्की होगी। कभी जेल में बंद AIDMK के नेता शशि कला के खिलाफ तो कभी 2003 से 2004 के दौरान मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती को गिरफ्तार करने का सवाल हो, यह ऑफिसर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और इस घटना को भी अंजाम दिया। इस कारण आज पूरा देश उनके जज्बे को सलाम कर रहा है।

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