नई दिल्ली: महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने शिवसेना पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र में जनादेश का अपमान किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य में जिस प्रकार की गतिविधि हो रही है वो छद्म राजनीति की तरह है. उन्होंने एक समाचार चैनल से बात करते हुए कहा कि जनादेश बीजेपी, शिवसेना को साथ मिलाकर सरकार बनाने का मिला था.

वो आगे कहते हैं कि जब हमारी सीटें शिवसेना से कम होती थीं तब हम सीएम पोस्ट के लिए सपने नहीं देखते थे. आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मे बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं. भाजपा और शिवसेना का चुनाव से पहले ही गठबंधन था और ऐसा लग रहा था कि दोनों मिलकर सरकार बना लेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

शिवसेना ने 50-50 फॉर्मूले की मांग रख दी जिसके मुताबिक ढाई-ढाई साल सरकार चलाने का मॉडल था. शिवसेना जहाँ लगातार ये दावा करती रही कि ये उनकी तय बात है जबकि भाजपा इससे इनकार करती रही. इस वजह से मतभेद बढ़ा और दोनों पार्टियों के संबंधों में फूट पड़ गई जिसके बाद दोनों ने अपने रास्तों को अलग कर लिया. अब ये साफ़ है कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना लेगी. शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि दोनों दलों से सहमति बन गई है पांच साल शिवसेना का ही सीएम रहेगा.

हालाँकि इस दावे के विपरीत एनसीपी नेता छगन भुजबल ने कहा है कि पांच साल सीएम को लेकर कोई बात नहीं है अभी बहुत सी बातें बाकी हैं. इसी से मिलता जुलता बयान एक और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने भी किया है. वहीं कांग्रेस नेता मणिकराव ने कहा है कि महाराष्ट्र का अगला सीएम शिवसेना से बनना तय है, एनसीपी ने कभी भी मुख्यमंत्री पद नहीं मांगा है.

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