नई दिल्ली: अभी महाराष्ट्र में सियासी संकट किसी तरह ख़त्म हुआ है और शिवसेना के नेतृत्व में सरकार का गठन हुआ है लेकिन अब पंजाब से भी इस तरह की ख़बरें आ रही हैं जिससे सियासी हलचल तेज़ हो सकती है. पंजाब की मुख्य विपक्षी पार्टी आम आदमी पार्टी इस कोशिश में है कि वो राज्य की राजनीति में कुछ हलचल पैदा करे. ख़बर है कि आम आदमी पार्टी के पंजाब सीओ-प्रेसिडेंट अमन अरोड़ा ने कहा है कि वो कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को मुख्यमंत्री पद के लिए अपना समर्थन देने को तैयार हैं.

आम आदमी पार्टी के नेता अरोड़ा ने एक अपील करते हुए कहा है कि फोन टैपिंग और सरकार में बात ना सुने जाने से कांग्रेस के 4 विधायक नाराज़ हैं. इन सबने दावा किया है कि कांग्रेस के 40 ऐसे विधायक हैं जो कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और पार्टी से नाराज हैं. इसलिए हम चाहते हैं कि नवजोत सिंह सिद्धू, आम आदमी पार्टी के 19 और कांग्रेस के 40 विधायकों के साथ एक मंच आ जाएं.

अमन अरोड़ा की बात से विपक्षी एकता को भी धक्का लग सकता है. अमन अरोड़ा का कहना है कि आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर ये तमाम नाराज विधायक पंजाब में नई सरकार बनाकर जनता से किए गए अपने वादों को पूरा कर सकते हैं. उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों कांग्रेस पार्टी के चार विधायकों ने पंजाब पुलिस पर ये आरोप लगाया था कि उनके फ़ोन टेप किए जा रहे हैं. ये चारों नाराज विधायक मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के जिला पटियाला के विधानसभा क्षेत्रों से ही हैं. ये हैं हरदयाल सिंह कंबोज, मदन लाल जलालपुर, निर्मल सिंह शुत्राना और काका राजिंदर सिंह.

इन विधायकों का आरोप है कि अफ़सरशाही राज्य में चरम पर है. उनका कहना है कि अफ़सर विधायकों की एक भी बात नहीं सुन रहे हैं. इन चारों विधायकों ने ये कहकर पंजाब की राजनीति को गरमा दिया कि उनकी तरह ही करीब 40 और कांग्रेस के विधायक कैप्टन से नाराज़ चल रहे हैं. विधायक ने दावा किया है कि ये सब एकजुट हो रहे हैं. 117 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस के कुल 80 विधायक हैं, आम आदमी पार्टी के 19, शिरोमणि अकाली दल के 14, भाजपा के 2 और लोक इन्साफ पार्टी के भी दो विधायक हैं.

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