शनिवार के रोज शिवसेना सांसद संजय राउत ने महारा’ष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद से ही तमाम अट’कलबाजी शुरू होने लगी है। जिसको लेकर अब संजय राउत का रिए’क्शन साम’ने आया है। फडणवीस और अपनी इस मुलाक़ात पर संजय ने कहा है कि शिवसेना के मुखपत्र साम’ना को लेकर यह मुलाक़ात की गई थी। उन्होंने कहा,”फडणवीस हमारे दु’श्‍मन नहीं हैं, हमने उनके साथ काम किया है। उनसे मेरी मुलाकात साम’ना को लेकर हुई। इस मुलाकात के बारे में उद्धव ठाकरे को जानकारी है। हमारी विचारधा’रा में अंतर है, लेकिन हम एक-दूसरे के दु’श्‍मन नहीं हैं।”

संजय राउत ने आगे कहा, “नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं, ऐसे में वह उद्धव ठाकरे के नेता हैं। वह हमारे नेता भी हैं।” इसके साथ ही संजय ने एनडीए से अकाली दल के अलग होने पर प्रति’क्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि यह भारतीय जनता पार्टी के लिए बड़ा झ’टका है। शिवसेना और अकाली दल भाजपा के दो मजबूत स्‍तं’भ थे, इनके बिना एनडीए अधू’री है। संजय राउत ने आगे कहा, “शिवसेना को मज’बूरन एनडीए से बाहर निकलना पड़ा था। अब अकाली दल ने भी ऐसा ही किया। एनडीए को अब नए साथी मिल गए हैं। मैं उन्‍हें शुभकामनाएं देता हूं। जिस गठबं’धन में शिवसेना और अकाली दल नहीं हैं, मैं उसे एनडीए नहीं मानता।”
Devendra Fadnavis-Sanjay Raut
उल्लेखनीय है कि संजय राउत ने फडणवीस के साथ एक होटल में मुलाक़ात की थी। जिसपर महारा’ष्ट्र में बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने भी सफ़ाई दी और इस मुलाक़ात को ग़ैर-राजनीतिक थी। इस मुलाकात के कोई राजनीतिक मायने नहीं है। शिवसेना और भाजपा ने पिछले साल विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा था, लेकिन चुनाव के बाद सत्ता में साझे’दारी को लेकर उद्धव ठाकरे नेतृत्व वाली पार्टी बीजेपी का साथ छो’ड़ गई थी और एनसीपी व कांग्रेस के साथ मिलकर महारा’ष्ट्र में सरकार बना ली थी।

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