कल से ही सुप्रीम को’र्ट में महाराष्ट्र सर’कार के अचा’नक बनने पर उठे सवा;लों की सुनवाई चल रही है जिस पर अभी सुनवाई चल रही है। कोर्ट ने राज्यपाल की भूमि’का को ग़ल’त बताए जाने पर कहा कि राज्यपाल की भूमि’का पर इस तरह सवा’ल नहीं उ’ठाए जा सकते हैं। समर्थन पत्र देखने के बाद पर्याप्त बहुम’त होने के कारण ही सर’कार बनाने के लिए कहा गया। इसके बाद से कोर्ट में दली’लें चल रही हैं।

कपिल सिब्बल ने कोर्ट में विप’क्ष की ओर से कहा “ऐसा कौन सा आपा’तका’ल था जिसके कारण रा’तोंरा’त सर’कार बनाने की मंज़ूरी दी गयी थी और शप’थ भी दिलवा दी गयी। इस आपा’तका’ल की जान’कारी दी जाए। NCP और भाजपा अलग- अलग विचारधा’रा की पार्टी है और ऐसा कौन सा आपा’तका’ल आ गया था जिसके कार’ण इन दोनों पार्टी को साथ लेकर तुरंत पार्टी बना दी गयी। 20 दिन तक राज्यपाल रुके लेकिन 20 घंटे नहीं रु’क पाए”

कोर्ट ने कहा कि “सिब्बल जी हम राज्यपाल के अधिकार पर नहीं जाएँगे। उन्होंने सम’र्थन पर ही चिट्ठी दी और अपना काम सही तरह से किया। हमें सिर्फ़ ये जानना है कि क्या सर’कार के पास पर्याप्त बहुम’त है?” वहीं अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि “आप भी फ़्लो’र टे’स्ट चाहते हैं और हम भी, बस हम ये चाहते हैं कि समय की बा’ध्यता हो और ऐसा पहले भी हो चुका है। दोनों पक्ष बहुम’त के लिए तै’यार हैं तो फिर दे’र किस बात की है। हमारे पास जिस सम’र्थन की चिट्ठी है उनमें भी उन्हीं विधायकों की चिट्ठी है और आपके पास भी वही है तो ये एक फ़्रॉ’ड है। ऐसे मामले में राज्यपाल का आँखें बं’द रखना सही नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा कि “अगर आप कहें तो मैं अभी सम’र्थन की चिट्ठी अभी सौंप सकता हूँ” इस बात पर कोर्ट ने कहा कि “अगर आप ऐसा अभी करते हैं तो मुझे इस माम’ले पर फिर दूसरे प’क्ष से सवा;ल करना पड़ेगा। आप अभी मामला सिर्फ़ फ़्लोर टेस्ट तक ही सी’मित रखिए। इस बात को मानकर अभिषेक मनु सिंघवी ने सम’र्थन पत्र न देने की बात कही। लेकिन उनका कहना है कि जल्द से जल्द आप फ़्लो’र टे’स्ट के लिए कहें ताकि विधायकों को तो’ड़ने की कोशिश न की जाए। साथ ही आप इस फ़्लो’र टे’स्ट को पारद’र्शी तरी’क़े से की जाए।

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