मुंबई: महाराष्ट्र में ऐसा माना जा रहा है कि आज कुछ अहम् बात निकल कर आ सकती है. आज एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की मुला’क़ात है. शरद पवार और सोनिया गांधी इस विषय पर च’र्चा कर सकते हैं कि महाराष्ट्र में सिया’सी संक’ट पर क्या किया जाए. एनसीपी और कांग्रेस इस बात का अध्ययन कर रहे हैं कि शिवसेना अपनी बात को लेकर कितनी संजीदा है.

अब सूत्रों से ये ख़’बर आ रही है कि एनसीपी को शिवसेना बड़ा ऑ’फर दे सकती है. भारत दुनिया पर छपी ख़’बर के मुताबिक़ शिवसेना एनसीपी को उसका मुख्यमंत्री बनाने के लिए सम’र्थन कर सकती है. शिवसेना के कुछ ने ता मानते हैं कि एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार को मुख्यमंत्री बनाया जाये. इससे शिवसेना के ऊपर ये आरो’प भी नहीं लगेगा कि वो स’त्ता के लिए भाजपा पर ना’राज़ हो रही है. शिवसेना के वरिष्ठ ने’ताओं में से कुछ ये मानते हैं कि अभी सर’कार चलाने की ज़ि;म्मेदारी एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार को दी जाए.

पवार वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें हर तरह की परिस्थिति से मुक़ाब’ला करने का भी अनुभव है. इसके अलावा शिवसेना इसके ज़रिये सन्देश भी दे देगी कि उसे मुख्यमंत्री प’द का लो’भ नहीं है. शिवसेना और भाजपा की खीं’चता न में वोटरों के पास ये भी सन्देश गया है कि दोनों दल स’त्ता को लेकर ल’ड़ रहे हैं, शिवसेना अपने इस दाँ’व से ज’नता के बीच अपनी छवि बेह’तर कर लेगी. ख़बर ये भी है कि भाजपा नेता और मौजूदा मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस आज दिल्ली पहुँच कर अमित शाह से मुला’क़ात करेंगे.

आपको बता दें कि चुनाव नती’जों के बाद से ही शिवसेना और भाजपा में मुख्यमंत्री पद को लेकर म’तभे’द उ’भर आये. शिवसेना 50-50 फ़ॉर्मूला के तह’त ढाई साल के लिए अपना मुख्यमंत्री चाह रही थी लेकिन भाजपा ने सबसे बड़ी पार्टी होने का दा’वा करके कहा कि वो ही पाँचो साल मुख्यमंत्री प’द पर विरा’जमान रहेगी. इसके बाद दोनों पार्टियों के नेताओं में क’टाक्ष का दौ’र चला.

भाजपा के कुछ ने’ताओं ने तो यहाँ तक कह दिया कि शिवसेना की पुरानी आ’दत है शुरू में झग’ड़ा करना बाद में मा’न जाना लेकिन अब मामला काफ़ी बढ़ता दिख रहा है. शिवसेना और भाजपा के इस क्रा’इसिस में एनसीपी और कांग्रेस बहुत सोच समझ कर अपना क़द’म उठा रहे हैं. उन्हें अभी तक शिवसेना पर पूरा भरोसा नहीं हो पाया है क्यूँकि अभी तक आधिकारिक तौर पर शिवसेना ने दोनों दलों से सम’र्थन नहीं माँगा है.

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