इस मुद्दे पर ममता बनर्जी ने गृहमंत्री अमित शाह को लपेटा, ”भाजपा के कहे मुताबिक ही..”

July 2, 2021 by No Comments

आज बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भारतीय जनता पार्टी के बीच चल रही तनातनी से कोई अनजान नहीं है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ही तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था। जो कि चुनाव के नतीजे आने के बाद भी जारी है।

इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को नेशनल टेलीविजन पर हर रोज होने वाले डिबेट को भाजपा के इशारे पर होने वाली डिबेट बताया है। मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री के कार्यालय पर ममता बनर्जी सरकार को ब’दनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा है कि नकली घो’टाले के खिलाफ सरकार कड़ी कार्रवाई कर रही है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि हर दिन नेशनल टीवी पर पश्चिम बंगाल के बारे में चर्चा होती है। भारतीय जनता पार्टी टीवी पर हुकम चला रही है और यह लोग गलत सूचना दे रहे हैं। यह हमें बदनाम करना चाहते हैं। गृह मंत्रालय की ये एक चाल है मुझे इस पर यकीन है।

इसके आगे ममता बनर्जी ने यह भी कहा है कि जो राज्य पश्चिम बंगाल से छोटे हैं। उन्हें वैक्सीन की ज्यादा खुराक कर दी गई हैं। हमें सिर्फ दो करोड़ वैक्सीन की खुराक मिली है। हमने 1.90 करोड़ खुराक दी। आज हमारे पास टीके नहीं हैं, इसलिए हम कोलकाता में केवल दूसरी खुराक दे रहे हैं।’

मालूम हो कि कोलकाता के कुछ इलाकों में अनधिकृत लोगों द्वारा वैक्सीन कैंप लगाए जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव हरि कृष्ण द्विवेदी को पत्र लिखा है। मामले में केंद्र ने राज्य सरकार से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है और अगले दो दिनों में रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

इस मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने 25 जून को पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी द्वारा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को एक पत्र लिखे जाने का उल्लेख किया है। जिसमें अनधिकृत लोगों द्वारा कथित रूप से आयोजित किए जा रहे COVID-19 टीकाकरण शिविरों के उदाहरणों पर ध्यान आकर्षित किया गया है।

यह भी बताया गया है कि इनमें से कुछ शिविरों में, और विशेष रूप से कोलकाता नगर क्षेत्र के कस्बा इलाके में, किसी भी लाभार्थी को टीकाकरण प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हुआ है, जिससे इन टीकाकरण शिविरों की वास्तविकता के बारे में आशंकाएं पैदा हो रही हैं।

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