पश्चिम बंगाल के बैरकपुर से भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने एक ऑडियो क्लिप जारी किया है। उन्होंने दावा किया है कि इसमें राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सामने वाले व्यक्ति को एक भाजपा नेता की हत्या कर दफन कर देने का आदेश दे रही हैं। ममता बनर्जी का यह कथित दूसरा ऑडियो क्लिप है, जो शनिवार (27 मार्च 2021) को सामने आया है। राज्य में शनिवार को ही पहले चरण की 30 सीटों पर वोट भी डाले गए हैं। आठ चरणों में मतदान होना है। पहले चरण में हिंसा के बिच राज्य में करीब 80 फीसदी मतदान हुआ है। साथ ही असम की 47 सीटों के लिए भी वोट डाले गए। वहाँ करीब 73 फीसदी मतदान की खबरें हैं।

अर्जुन सिंह द्वारा जारी ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर ममता बनर्जी को सामने वाले व्यक्ति से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वह ब्लॉक अध्यक्ष आलोक को बताए कि उसे बीजेपी नेता दिलीप जटुआ से खतरा है। टीएमसी सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि जटुआ ने आलोक की हत्या के लिए किसी को 60 हजार रुपए दिए हैं। वह सामने वाले व्यक्ति से इसकी सूचना आलोक को देने को कहती हैं ताकि वह अपनी सुरक्षा बढ़ा सके।

इसके बाद ममता बनर्जी ने दिलीप के बारे में पूछताछ की तो उन्हें बताया गया कि चुनाव में दो बार हारने के बाद वह भाजपा में शामिल हो गया है। उसके बाद उन्होंने कथित तौर पर सामने वाले व्यक्ति को दिलीप जटुआ की हत्या कर उसे गड्ढे में दफन करने के निर्देश दिए ताकि बाद में वह ‘पेड़ के रूप में पैदा हो’।


ऑपइंडिया इस ऑडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है। अर्जुन सिंह ने इसे जारी करते हुए ट्वीट किया है, “अपने राजनीतिक विरोधियों के प्रति ममता बनर्जी क्या व्यवहार करती हैं, यह इस ऑडियो टेप में स्पष्ट हो जाता है। विरोधी को जमीन में दफन करने का आदेश दे रही हैं मुख्यमंत्री। ये ऑडियो टेप किसने लीक किया, इसका जवाब तो मथुरापुर के सांसद सीएम जटुआ दे सकते हैं या ममता बनर्जी।”

इससे पहले जो ऑडियो सामने आया था उसमें ममता बनर्जी कथित तौर पर नंदीग्राम में जीत के लिए बीजेपी कार्यकर्ता प्रलय पाल से मदद माँग रही हैं। नंदीग्राम में ममता का मुकाबला बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी से है, जो कुछ महीने पहले तक उनकी सरकार में मंत्री थे। यह इलाका अधिकारी परिवार का गढ़ माना जाता है।

प्रलय पाल ने दावा किया कि ममता बनर्जी ने उन्हें फोन कर नंदीग्राम में अपने लिए समर्थन जुटाने को कहा। रिपोर्ट के अनुसार, पाल ने कहा, “वह चाहती हैं कि मैं टीएमसी में जाकर उनके साथ काम करूँ, लेकिन मैं शुभेंदु अधिकारी और उनके परिवार के साथ लंबे समय से हूँ। मैं अब भारतीय जनता पार्टी के लिए काम करता हूँ।”

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