ममता बनर्जी पर कमल नाथ ने दिया ऐसा बयान, सियासी गलियारों में मची हलचल…

May 5, 2021 by No Comments

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने के बाद तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने आज तीसरी 12 राज्य की मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण कर ली है। हालांकि ममता बनर्जी ने नंदीग्राम विधानसभा सीट से हार का सामना किया। लेकिन एक बार फिर ममता बनर्जी ही राज्य की मुख्यमंत्री बनी है।

ममता बनर्जी पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने जमकर तारीफ की है। कांग्रेस नेता कमलनाथ ने ममता बनर्जी को देश के नेता करार दिया है उनका कहना है कि मैंने ममता बनर्जी से बात की। वे यूथ कांग्रेस के समय की मेरी साथी रही हैं और वर्तमान में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की सदस्य हैं। मैंने उन्हेें मध्य प्रदेश बुलाया है। उन्होंने आमंत्रण स्वीकार भी कर लिया है।

कांग्रेस नेता कमलनाथ थे यह बातें इंदौर में मीडिया से बातचीत के दौरान कही है ममता बनर्जी के लिए कमलनाथ के इस सकारात्मक रुख के कई तरह के अर्थ निकाले जा रहे हैं। उनके द्वारा कही गई बातों का सियासी गलियारों में गांधी परिवार के प्रति असंतोष से जोड़कर भी देखा जा रहा है। कमलनाथ द्वारा दिए गए बयान को लेकर इसके सियासी मायने निकालने शुरू हो चुके हैं।

जब वह राष्ट्रीय स्तर पर मोदी विरोधी चेहरा बन चुकी हैं। तो मध्यप्रदेश का रुख उनके लिए कैसे मुफीद रहेगा। ऐसे में उनके मध्य प्रदेश आने की संभावनाएं भी कमजोर दिखती हैं। दो दशक बाद भी टीएमसी ने बंगाल से बाहर जाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है, तो मध्य प्रदेश में ममता राजनीतिक जमीन की तलाश करेंगी, इस पर सवाल है।

ऐसे कई सवालों के बीच कमल नाथ और ममता बनर्जी की निकटता कांग्रेस में गांधी परिवार के प्रति अंसतोष से खुद ही जुड़ती दिख रही है। कांग्रेस में गांधी परिवार के नेतृत्व के प्रति असंतोष बढ़ा है और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव टाले जा रहे हैं। कांग्रेस छोड़कर सियासत के शिखर पर पहुंचने वालों में ममता भी शुमार हैं, तो उनके प्रति सकारात्मक रुख पार्टी में असंतुष्टों को मध्य प्रदेश से कुछ खास संदेश दे रहा है।

ऐसे नए सियासी समीकरण कांग्रेस अध्यक्ष चुनने में गांधी परिवार की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं, वहीं पार्टी के असंतुष्टों को दबाव बनाने का मौका दे सकते हैं। आमंत्रण की औपचारिकता बंगाल चुनाव से पूर्व ममता और राहुल गांधी के बीच के तल्ख संबंधों की तरफ भी ध्यान खींच रही है, जब टीएमसी से गठबंधन के ममता के प्रस्ताव को राहुल गांधी ने सिरे से खारिज कर दिया था। कांग्रेस ने उलटे ममता को ही पार्टी में फिर से शामिल होने का सुझाव दिया था।

ममता बनर्जी का राजनीतिक जन्म भारतीय राष्ट्रीय युवक कांग्रेस के गर्भ से हुआ है। लिहाजा उनकी मानसिकता में आज भी कांग्रेस बैठी हुई है। वैसे भी वे यूपीए की सहयोगी हैं। कमल नाथ के व्यक्तिगत रिश्ते ममता बनर्जी से बेहद अच्छे हैं। उन रिश्तों को निभाते हुए उन्हें मध्य प्रदेश में आमंत्रित किया है। यह कांग्रेस के हित में भी है।

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