ममता बनर्जी के कैबिनेट में शामिल हुए ये मुस्लिम नेता, देखें पूरी लिस्ट…

May 11, 2021 by No Comments

पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के मंत्रिमंडल विस्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल में 24 कैबिनेट मंत्री और 19 को स्वतंत्र प्रभार, राज्य मंत्री के तौर पर 9 नेताओं को शपथ दिलाई गई। राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने 43 विधायकों को ममता बनर्जी के कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ दिलाई है।

बताया जाता है कि इस बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल की खास बात यह है कि उन्होंने कई नए चेहरों को मौका दिया है।
इसके साथ ही ममता बनर्जी ने एक बार फिर उसके ही पुराने नेताओं पर भी अपना भरोसा कायम रखा है। ममता बनर्जी ने अल्पसंख्यकों करने के लिए इस बार साधने के लिए मुस्लिम नेताओं को भी अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया है।

इसके अलावा 8 महिला नेताओं को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। पुराने नेताओं में शोभनदेव चट्टोपाध्याय, साधन पांडेय, ज्योति प्रिय मल्लिक, बंकिम चंद्र हाजरा, सुब्रत मुखर्जी, पार्थ चटर्जी, अरुप राय, चंद्रनाथ सिन्हा, ब्रात्य बसु, शशि पांजा, जावेद खान, स्वपन देवनाथ, फिरहाद हकीम, अमित मित्रा, अरुप विश्वास, उज्जवल विश्वास, सोमेन महापात्रा, मलय घटक, सिद्दिकुल्ला चौधरी को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।

कैबिनेट मंत्री- फिरहाद हाकिम, जावेद अहमद खान, ग़ुलाम रब्बानी और सिद्दीकुल्लाह चौधरी। स्वतंत्र प्रभार- हुमायूं कबीर। राज्यमंत्री- अख्रुजमान और यास्मीन सबीना। इसके अलावा पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी,

पूर्व आईपीएस अधिकारी हुमायूं कबीर, बिप्लव मित्र, अखिल गिरि, रत्ना दे नाग, बीर वाह हांसदा, बंकिम हाजरा, रथीन घोष, पुलक रॉय, हांसदा, ज्योत्सना मांडी, सिउली साहा, बुलचिकी बराईक, दिलीप मंडल, अकरुज्जमान, श्रीकांत महतो और परेश अधिकारी को पहली बार मंत्री बनाया गया है।

बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी ने पिछली सरकार में वित्त मंत्री रहे अमित मित्रा को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। मित्रा ने इस बार खराब स्वास्थ्य के चलते चुनाव नहीं लड़ा था। हालांकि, अब देखना है कि वे किस सीट से चुनाव जीतकर सदन पहुंचेंगे। मित्रा इससे पहले FICCI के महासचिव भी रह चुके हैं।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने बहुमत हासिल कर राज्य में एक बार फिर से सत्ता कायम की है। भारतीय जनता पार्टी को मात देने के लिए ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के सभी नेताओं ने जी तोड़ कोशिश की है। जिसका नतीजा यह निकला कि आज भाजपा राज्य में दहाई का अंक वाकई में पार नहीं कर पाई है। जैसा कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने दावा किया था।

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