बिहार की राजनीति में अलग ही हलचल मची हुई है चुनाव के बाद भी रजनीति गरमाई हुई है पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने रविवार को एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कहा कि विरोध और साजिशों के बावजूद राजनीति में गठबंधन धर्म को निभाना अगर सीखना है तो नीतीश जी से सीखा जा सकता है.

एनडीए के दल जेडीयू और बीजेपी के रिश्तों को लेकर जारी विवाद के बीच रविवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम अध्यक्ष जीतन राम मांझी का बड़ा बयान सामने आया है. मांझी के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि एनडीए में “ऑल इज वेल” नहीं है. मांझी ने यह साफ कर दिया है कि एनडीए में अंदर विरोध है और पार्टी नेता एक दूसरे के खिलाफ साजिश कर रहे हैं.

दअरसल, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने रविवार को एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने कहा कि राजनीति में गठबंधन धर्म को निभाना अगर सीखना है तो नीतीश जी से सीखा जा सकता है. गठबंधन में शामिल दल के अंदर विरोध और साजिशों के बावजूद भी उनका सहयोग करना नीतीश जी को राजनैतिक तौर पर और महान बनाता है. नीतीश कुमार के जज़्बे को माँझी का सलाम.

दरअसल, बिहार में बीजेपी के बड़े भाई बनने के बाद से ही बिहार की सियासी गलियारों में ऐसी चर्चाएं हैं कि एनडीए गठबंधन में बीजेपी जेडीयू पर हावी है. मुख्यमंत्री भले ही नीतीश कुमार को बना दिया गया है, लेकिन उनकी बातों को तवज्जो नहीं दिया जा रहा. बीते कुछ दिनों के सियासी घटनाक्रम को देखें तो इस बात में सत्यता भी दिखती है.

जिस प्रकार अरुणाचल में जेडीयू विधायकों को बीजेपी में शामिल करा लिया गया, बिहार में अब तक मंत्री मंडल का विस्तार नहीं किया गया. वहीं, इस मुद्दों को लेकर जिस तरह दोनों पार्टियों के नेता का बयान आया यह कहीं न कहीं जेडीयू-बीजेपी के बीच के दरार को दिखाने वाला था. हालांकि, इस संबंध में जेडीयू-बीजेपी के नेताओं ने अब तक चुप्पी साध रखी है. लेकिन एनडीए घटक दल हम के अध्यक्ष जीतन राम मांझी के ट्वीट ने स्थिति काफी हद तक स्पष्ट कर दी है.

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