उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर आज पहले चरण का प्रचार कल समाप्त हो गया. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जहां अब चुनाव अब अपने अंतिम फेर में है वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में अभी भी टिकट वितरण चल रहा है. समाजवादी पार्टी ने मंगलवार सुबह 10 और मंगलवार शाम 8 उम्मीदवारों की सूचि जारी कर दी. इस लिस्ट ने सपा के अन्दर चल रहे कई कयासों को विराम लगा दिया.

शाम को आयी 8 उम्मीदवारों की लिस्ट में तुलसीपुर विधानसभा का नाम भी शामिल था. बलरामपुर जनपद की तुलसीपुर विधानसभा पिछले काफी समय से चर्चाओं में थी. यहाँ सपा से टिकट की आस लगाने वाले प्रत्याशियों की लम्बी फ़ेहरिस्त थी. कोई कह रहा था कि सपा ज़ेबा रिज़वान को टिकट देगी तो कोई कह रहा था कि पार्टी पूर्व विधायक अब्दुल मशहूद ख़ान को टिकट देगी.

इस तरह की ख़बरें पहले ही आ गई थीं कि पूर्व सांसद रिज़वान ज़हीर की बेटी ज़ेबा रिज़वान दौड़ से बाहर हो चुकी हैं. इसके बाद राजेश्वर मिश्र, मशहूद ख़ान और कहकशाँ फ़िरोज़ का नाम बढ़ चढ़ कर सामने आ रहा था. हालाँकि पार्टी ने अपने पूर्व विधायक मशहूद ख़ान को ही टिकट दिया.

सपा ने जो लिस्ट जारी की उसमें अब्दुल मशहूद ख़ान का नाम मसूद आलम लिख दिया गया, जिसके बाद कुछ लोग कयास लगाने लगे कि कहीं ये कैसरगंज वाले मसूद आलम तो नहीं हैं.सपा सूत्रों ने हमें बताया कि टाइपिंग मिस्टेक की वजह से मसूद आलम लिख गया है, टिकट अब्दुल मशहूद ख़ान को ही दिया गया है. आपको बता दें कि अब्दुल मशहूद ख़ान को उनके समर्थक मसूद ख़ान भी कहते हैं.

लिस्ट के आते ही मशहूद समर्थकों में उत्साह देखा गया. मशहूद तुलसीपुर सीट से दो बार विधायक चुने जा चुके हैं. वो इस सीट से पाँच बार चुनाव लड़े हैं, उन्हें साल 2002 और 2012 में जीत मिली थी. 2017 के विधानसभा चुनाव में मशहूद तीसरे नम्बर पर पहुँच गए थे. सपा के पुराने नेता मशहूद ने पिछले पाँच साल में अपनी पकड़ बेहतर की है. शायद यही वजह है कि सपा नेतृत्व ने उन्हें एक बार फिर चुनाव लड़ाने का फ़ैसला किया है.