ओम प्रकाश राजभर और मुख्तार अंसारी ने खेला दाँव, भाजपा के सामने अब मुख्तार नहीं बल्कि..

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की गहमागहमी चरम पर है। आज प्रदेश में दूसरे चरण का मतदान सम्पन्न हो गया है और अब तीसरे चरण के लिए प्रचार ज़ोर-शोर से हो रहा है लेकिन अभी अंतिम चरण की सीटों के लिए प्रत्याशी चुनने का काम भी पार्टियाँ कर रही हैं।इस बीच ख़बर है कि जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख़्तार अंसारी चुनाव नहीं लड़ेंगे।

मऊ सदर से पाँच बार विधायक रह चुके मुख़्तार की जगह अब उनके बेटे अब्बास अंसारी विधायकी के चुनाव में दम दिखाएँगे।यूँ तो मुख़्तार अंसारी को अदालत ने नॉमिनेशन फ़ाइल करने की इजाज़त दे दी थी लेकिन अब ये ख़बर आयी है कि वो चुनाव नहीं लड़ेंगे।

ख़बर थी कि वो सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से चुनाव लड़ सकते हैं।सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर पहले ही मुख़्तार अंसारी से अपनी नज़दीकी की बात कर चुके हैं। राजभर की पार्टी ने अब्बास अंसारी को टिकट दे दिया है और उन्होंने नामांकन भी भर दिया है।

हाल ही में अब्बास अंसारी जब सपा कार्यालय पहुँचे तो हलचल मच गई।अब्बास अंसारी ने सपा कार्यालय जाने पर कहा कि वो भाजपा को हराने के लिए हर जगह जाएँगे। हालांकि अंसारी परिवार ने पहले ही क्लियर कर दिया था कि वो सपा जॉइन नहीं कर रहे .

बल्कि वो सपा गठबंधन की अहम पार्टी सुभासपा जॉइन कर के उसी से चुनाव लड़ने जा रहे हैं।आपको बता दें कि मुख़्तार अंसारी ने पहली बार सन 1996 में चुनाव जीता था। तब वो बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे।

2002 और 2007 में वो बतौर निर्दलीय जीते जबकि 2012 में क़ौमी एकता दल नामक पार्टी बनाकर उससे चुनावी मैदान में उतरे, उन्हें फिर जीत मिली।

2017 में वो एक बार फिर बसपा से लड़े और एक बार फिर जीते। पिछले इतने सालों में मुख़्तार अंसारी और उनके परिवार का वर्चस्व मऊ और आस पास के इलाक़ों में मज़बूत होता रहा है।

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