ये समीकरण हुआ तो मायावती बनेंगी प्रधानमंत्री, अखिलेश का भी है..

अब सिर्फ़ सातवें चरण का मतदान बाक़ी है. इस चरण में उत्तर प्रदेश की 13 सीटों पर भी मतदान होना है. ये सभी सीटें पूर्वी उत्तर प्रदेश में पड़ती हैं. कहा जाता है कि दिल्ली की सत्ता का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुज़रता है. देखा जाए तो ये बात ठीक भी है लेकिन इस बार जो समीकरण बन रहे हैं, जो चर्चाएँ चल रही हैं उससे तो ये लगता है कि इस बार सत्ता का रास्ता ही नहीं, हो सकता है कि सत्ता भी किसी उत्तर प्रदेश के नेता के हाथ आये.

मुख्य तौर से देखा जाए तो भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही एक बार फिर प्रधानमंत्री पद के दावेदार हैं जबकि उनकी पार्टी में नितिन गडकरी का नाम भी अब हलके-फुल्के तौर पर सामने आने लगा है. कांग्रेस की बात करें तो कांग्रेस ने पूरा चुनाव कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को चेहरा बनाकर लड़ा है तो माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें बतौर प्रधानमंत्री उम्मीद’वार पेश कर रही है.

इन दो बड़े दलों के अलावा भी कई नाम सामने आ रहे हैं जिनमें तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार का नाम भी शामिल है.परन्तु एक नाम जो बहुत बढ़-चढ़ कर चल रहा है और जिस पर लोगों का यक़ीन भी आ रहा है वो नाम है बसपा प्रमुख मायावती का. मायावती और उनके समर्थक जानते हैं कि इस बार उनके प्रधानमंत्री बनने की प्रबल संभावनाएँ हैं. बसपा ने इस बार उत्तर प्रदेश की सत्ता पर कई बार क़ाबिज़ रही और इस समय प्रदेश में मुख्य विपक्ष की भूमिका में समाजवादी पार्टी से गठबंधन किया है और इसके अलावा रालोद से भी उनका गठबंधन है.

इस महागठबंधन का श्रेय यूँ तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव को जाता है लेकिन वो ख़ुद अभी प्रधानमंत्री पद नहीं देख रहे हैं. जानकार भी मानते हैं कि अगर कांग्रेस और भाजपा दोनों की ही सीटें 150 से कम आती हैं और उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन की सीटें 60 से अधिक आ जाती हैं तो मायावती के प्रधानमंत्री बनने की प्रबल संभावनाएँ हैं. महागठबंधन को उम्मीद है कि अगर कांग्रेस की सीटें 160 से कम रहती हैं तो वो सपा-बसपा-रालोद को समर्थन दे देगी.

कुछ और छोटे दलों के समर्थन से फिर मायावती सरकार बनाने में कामयाब होंगी. ऐसा होता है बसपा प्रमुख मायावती देश की पहली दलित प्रधानमंत्री होंगी. वो उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं. मायावती के प्रधानमंत्री बनने को लेकर सपा प्रमुख भी पूरी कोशिश कर रहे हैं. यही वजह है कि बहनजी के नाम से जाने जाने वाली मायावती के प्रधानमंत्री बनने की प्रबल संभावनाएं हैं.