नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने संसद की स्थाई समितियों का गठन किया है. 17वीं लोकसभा के लिए स्थाई समितियों के गठन में इसकी कमा’न इस बार भाजपा को मिली है. आपको बता दें कि पिछली बार कांग्रेस के पास इसकी अध्यक्षता थी. पहली बार सांसद चुने गए राजनेताओं को भी बड़ी ज़िम्मेदारी दी गई है. बसपा के दानिश अली को भी जगह मिली है. पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सांसद नुसरत जहाँ को भी संसदीय समिति में जगह मिली है.

नुसरत को जल संसाधन मामलों के लिए बनी संसदीय कमेटी का सदस्य बनाया गया है। वहीं इस कमेटी की अध्यक्षता भाजपा सांसद संजय जायसवाल के हाथों में होगी। फारूक अब्दुल्ला रेलवे पर बनी कमेटी के सदस्य हैं। वहीं इस कमेटी की अध्यक्षता भाजपा सांसद राधा मोहन सिंह करेंगे। इस बार वित्त और विदेश मंत्रालय से जुड़ी स्टैंडिंग कमेटी की अध्यक्षता कांग्रेस को नहीं सौंपी गई है।

पिछली लोकसभा के दौरान इन स्टैंडिंग कमेटियों की अध्यक्षता कांग्रेस के हाथ में थी। वीरप्पा मोइली जहां वित्तीय मामलों के तो शशि थरूर विदेश मामलों पर बनी स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष थे। इस बार इन दोनों अहम कमेटियों की क’मान भाजपा सांसदों को सौंपी गई है। हजारीबाग से भाजपा सांसद जयंत सिन्हा को वित्त और पीपी चौधरी को विदेश मंत्रालय से जुड़ी स्टैंडिंग कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

इसे लेकर शुक्रवार देर रात को लोकसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी की है. इन समितियों की सदस्ता में कुछ ऐसे नाम भी हैं जो विवा’दित माने जाते हैं. भोपाल से सांसद प्रज्ञा ठाकुर को भी संसदीय समिति में सदस्य बनाया गया है.

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