भोपाल: मध्यप्रदेश में विपक्षी पार्टी बीजेपी और सत्तारूढ़ कांग्रेस में टकराव होता दिख रहा है। विपक्ष में बैठी बीजेपी ने मध्य प्रदेश में ज़िला मुख्यालयों पर बिजली के बिलों में गड़बड़ी को लेकर धरना प्रदर्शन किया। तो दूसरी ओर सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर मध्य प्रदेश के प्रति भेदभाव पूर्ण नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए ज़िला भर में प्रदर्शन किया।

बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश में मामा के नाम से प्रसिद्ध बीजेपी के शिवराज सिंह चौहान बीजेपी के धरना प्रदर्शन का नेतृत्व करने रीवा पहुंचे। और सबसे पहले कर्ज़ में डूब कर आत्महत्या करने वाले किसान वनस्पति साहू के परिजनों से मिलने सिमरिया पहुंचे। वही एक रैली में बिजली के बिल का नोटिस पढ़ते हुए शिवराज सिंह चौहान बोले कि किसान के बिजली का बिल 29,771 रुपए आ रहा है। हम तो 200 रुपये लेते थे। वहीं मध्य प्रदेश के हर ज़िला मुख्यालय पर बीजेपी के कार्यकर्ता हाथों में कर्ज़ माफ़ी और बिजली का बिल लेकर धरने पर बैठे नज़र आये और सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर किसानों को ठगने का आरोप लगाया।

बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि किसी भी किसान का 2 लाख का कर्ज़ा माफ़ नहीं हुआ। अति बारिश ने सोयाबीन की फ़सल चौपट कर दी। धान की फ़सल बर्बाद हुई। बिजली के बिल हज़ारों में आ रहे हैं। जबकि बिल आधा करने का वादा किया गया था। तो वहीं मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में बल्लेबाज़ विधायक नाम से मशहूर हो चुके आकाश विजयवर्गीय ने धमकी के सुर में कहा कि, आपको पता है हम खाली हाथ घूमते नहीं हैं।

साथ ही ये भी कहा कि ये बात जनता तक पहुंचाना के किसके समय में 24 घंटे बिजली आती थी। और 200 रुपये का बिजली का बिल आता था। जबकि सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस ने केंद्र की सरकार पर मध्य प्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। और कहा है कि बारिश और बाढ़ की वजह से होने वाले नुकसान के पैसे केंद्र सरकार ने राज्य को अब तक नहीं दिए हैं। साथ ही साथ प्रदेश भर में राष्ट्रपति के नाम कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपकर राहत राशि की जल्द से जल्द मांग की है।

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