भोपाल. मध्य प्रदेश में 28 सीटों के लिए विधानसभा उपचुनाव हो रहे हैं. इनमें से जिसकी सीटें ज़्यादा होंगी सरकार उसी की बनेगी. यही वजह है कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही जी जान से जुटी हुई हैं कि वो इस चुनाव को जीतें. मुख्य मुक़ा’बला तो कांग्रेस और भाजपा के बीच है लेकिन क्षेत्रीय दल और निर्दलीय भी इसमें क़िस्मत आज़मा रहे हैं.

इस बीच एक और बड़ी ख़बर सामने आ रही है.यहां बिना विधायक बने छह महीने होने पर मध्य प्रदेश के दो मंत्री तुलसी सिलावट और गोविंद राजपूत ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है. ऐसे में मुख्यमंत्री ने दोनों नेताओं के इस्तीफे स्वीकारते हुए राजभवन भेज दिए. बता दें कि दोनों ही नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुये थे. साथ ही इस बार के उपचुनाव भी लड़ रहे हैं.

आपको बता दें कि संवैधानिक प्रावधान है जिसके तहत कोई भी मंत्री सदन का सदस्य अगर नहीं है तो उसे 6 महीने से ज़्यादा पद पर बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती है. ऐसे में इसी प्रक्रिया के चलते दोनों नेताओं को इस्तीफ़ा देना पड़ा. उपचुनाव की बात करें तो सांवेर विधानसभा उपचुनाव में मुख्य मुकाब’ला बीजेपी के तुलसीराम सिलावट और कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्‌डू के बीच है.

हाल ही में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने नामांकन भरा तो वहीं, अगले दिन गुरुवार को प्रेमचंद गुड्‌डू ने नामांकन दाखिल किया. दोनों ने ही नामांकन के साथ अपनी आय का शपथ पत्र भी दिया है. विशेषज्ञ इस उपचुनाव को मिनी-विधानसभा चुनाव की तरह ले रहे हैं.

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