मुस्लि’म पार्टी के ठ’प्पे को ह’टाने के लिए ओवैसी ने चला बड़ा दाँव, UP चुनाव में..

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में यूँ तो सीधा मुक़ाबला सपा और भाजपा के बीच लग रहा है लेकिन कुछ छोटी पार्टियाँ अपनी जगह तलाश करने में लगी हैं. इन्हीं में से एक असद उद्दीन ओवैसी की पार्टी आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लि’मीन भी है. ओवैसी की पार्टी एक मु’स्लिम पार्टी मानी जाती है लेकिन ओवैसी और उनके समर्थक मानते हैं कि उनकी पार्टी के साथ दलित समाज के लोग भी जुड़ रहे हैं.

सपा और भाजपा की ज़ोरदार लड़ाई में बसपा और कांग्रेस जैसे दल नज़र नहीं आ रहे हैं तो AIMIM जैसे छोटे दल के लिए अपनी पहचान बनाना और भी मुश्किल है. इस बात को समझते हुए ओवैसी ने ‘भागीदारी परिवर्तन मोर्चा’ बनाने का एलान किया है. उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए ये नया गठबंधन है.

AIMIM ने जन अधिकार पार्टी के बाबू सिंह कुशवाहा और बैकवर्ड एंड माइनॉरिटी कम्युनिटी इंप्लाई फ़ेडरेशन के अध्यक्ष वामन मेश्राम के साथ मिलकर शनिवार को नया गठबंधन ‘भागीदारी परिवर्तन मोर्चा’ बनाने का ऐलान किया. इस मौक़े पर तीनों नेताओं ने बताया कि ये नया गठबंधन राज्य की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेगा.

ओवैसी ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि यदि उनके गठबंधन को बहुमत मिलता है तो राज्य में दो मुख्यमंत्री बनाए जाएँगे जिसमें से एक दलित और दूसरा पिछड़ी जाति से होगा. ओवैसी ने ये भी कहा कि सरकार बनने पर तीन उप-मुख्यमंत्री भी होंगे जिनमें एक मुस्लि’म समुदाय से भी होगा. वहीं बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि उनके गठबंधन के दरवाज़े अभी भी खुले हैं और दूसरे दल यदि चाहें तो आ सकते हैं.

उन्होंने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच जो लड़ाई है वह अब ‘भागीदारी परिवर्तन मोर्चा’ के बीच होगी और सपा गठबंधन तीसरे स्थान पर चला जाएगा. कुशवाहा ने कहा कि वह राज्‍य में पिछले चार माह से लगातार सम्मेलन कर रहे हैं.

वामन मेश्राम ने कहा कि सरकार बनने पर तीन उप-मुख्‍यमंत्री होंगे जिनमें एक मु’स्लिम समुदाय से होगा और बाकी दो समुदाय के नाम जल्द घोषित कर दिए जाएंगे. ओवैसी ने पिछले साल सुभासपा के साथ मिलकर ‘भागीदारी संकल्प मोर्चा’ बनाया था. हालाँकि सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने सपा के साथ गठबंधन कर लिया और ओवैसी अकेले पड़ गए.

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