मुसलमान क्यूँ रखते हैं दाढ़ी, इसके फायदे जानकर वैज्ञानिको के भी उड़े होश, ये है नबी ए करीम सल्ल० का फरमान…

October 1, 2021 by No Comments

हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने औरतों और मर्दों के लिए ऐसे हुकुम दिए जिन पर वह अमल करें और दुनिया और आखरत दोनों में कामयाब हो लेकिन यह हमारी बदकिस्मती है कि हम नए नए फैशन अख्तियार करते हैं और उन्हें अपने अहकाम को पीछे छोड़ देते हैं अपनी शान शौकत के लिए और उन्ही में फायदा समझते हैं। ऊपर से दिखावा करना और अच्छा दिखने वाली चीजों में अक्सर हमारा नुकसान छुपा होता है।

दाढ़ी रखने के बारे में इस्लाम इसके बारे में क्या हुक्म देता है और दाढ़ी रखने के क्या क्या फायदे हैं आज हम इस विषय पर बात करेंगे।प्यारे नबी सल्लल्लाहु अलैह वसल्लम ने अपनी उम्मत के लिए इरशाद फरमाया। अपनी मूंछों को तराशो और अपनी दाढ़ी को छोड़ दो।

इस हदीस मुबारका से पता चलता है इस्लाम में दाढ़ी रखने का क्या दर्जा है। हुज़ूर सलल्ललाहु अलैहि वसल्लम ऐसे लोगों को पसंद नहीं करते थे जिन्होंने मूंछे रखकर दाढ़ी को कटवाया होता था। इसका अंदाजा इस वाकए से लगाया जा सकता है कि एक बार कोई आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की खिदमत में किसी काम से आया आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जब उनकी तरफ देखा तो ना पसंदगी से मुंह मोड़ लिया और कहा इन्हें मेरी नजरों से दूर कर दो।

सहाबियों ने इरशाद फरमाया या रसूल अल्लाह यह लोग किसी खास काम से आए हैं तो आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा अल्लाह की लानत हो उन पर जो दाढ़ियों को न रखे पूछने पर आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया इन लोगों ने मूंछे रखी है और दाढ़ियां साफ करदी है।

इस वाकए से साफ होता है कि आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दाढ़ी क’टवाने वाले लोगों को किस कदर ना पसंद करते थे। दाढ़ी रखने का हुक्म इस्लाम में क्यों दिया गया है और इसके पीछे क्या क्या फायदे हैं। साइंस रिसर्च ने साबित कर दिया है दाढ़ी रखने के क्या क्या फायदे हैं और ना रखने के क्या क्या नुकसान होता है।

मगरिब देश में दाढ़ी के खिलाफ कुछ साइंसदानों ने यह अफवाह फैला रखी थी इस्लाम के खिलाफ की दाढ़ी रखने से स्किन पर तमाम तरह के बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं और इसी बिना पर दाढ़ी नहीं रखना चाहिए दिलचस्प बात यह है कि लंबी रिसर्च के बाद अब इस बात को दाढ़ी के तिब्बी फायदे को तस्लीम कर लिया गया है।

मुसलमानों ने 14 साल पहले से दाढ़ी रखने की खूबसूरत रवायत को अपनाया है और अब पहली दफा जदीद मगरिब साइंस ने भी दाढ़ी के फायदों को तस्लीम कर लिया बरतानिया में डॉक्टर एडीएन मोनटी और दीगर साइंसदानों ने ढाढ़ी के फायदे को मान लिया है।

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