कोरो’नावायर’स के इस संक’ट से पूरी दुनिया भर के लोग परे’शान है लेकिन हिंदुस्तान में इसको एक मजहबी नाम दे दिया गया है। मीडिया एक समूह ने दिलो में नफ़’रत फेलाने का काम किया है. कोरोना को एक खास समुदाय से जोड़ने की कोशिश हो रही है. जिसके चलते मुस्लिम लीडरों ने एक पत्र के जरिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की है कि वो इसके खिला’फ़ सख्त कार्र’वाई करें।

मुस्लिम नेताओं और बुद्धिजीवियों से काफी साधन करने और सभी राज्य सरकारों को सलाह देने के लिए उन लोगों के खिलाफ कार्र’वाई करने की अपील की गई। मुस्लिम नेताओं और बुद्धिजीवियों ने देश के लोगों से भी नफ’रत ना फेलाने की अपील की। पूरे बयान में कहा गया है कि, यह बहुत राहत भरी बात है कि दूसरे देशों के मुकाब’ले भारत में कोरो’नावाय’रस को रोकने के लिए बेहतर काम कर रहा है। वहीं कुछ लोग ने जानबूझकर इसको फेलाने का आरो’प किसी विशेष समूह पर थोप दिया।

बता दें कि बयान में कहा गया है कि, “लेकिन एक बार निजामुद्दीन तब्लीगी मरकज़ में मण्डली के कुछ लोगों के शामिल होने के मामले में कोरो’नावाय’रस संक्रम’ण की पुष्टि हो गई, एक उग्र प्रचार दिन-प्रतिदिन व्यापक रूप से हो रहा है कि देश में वर्तमान महामारी की स्थिति के लिए एक समुदाय के रूप में मुस’लमान जिम्मेदा’र हैं। दुर्भा’ग्य से, कुछ सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र जानबूझकर मुसलमा’नों के खिला’फ नफर’त फैलाने के लिए इस सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दे को सांप्रदायिक रूप देने के लिए अपने निपटा’न में विभिन्न साधनों को तैनात कर रहे हैं।

विशेष रूप से, निजामुद्दीन मरकज मस्जिद और तब्लीगी जमात को शातिर रूप से लक्षित किया जाता है और को’रोनोवायर’स के वाहक होने का आरोप लगाया जाता है। कई आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्द जैसे “तब्लीगी वायर’स”, “को’रोना जि’हाद” आदि को एक संगठित तरीके से प्रचारित किया जा रहा है। “कई प्रमुख मीडिया घरानों द्वारा प्रसारित इ’स्लामोफोबि’या सामग्री ने स्थिति को बदतर बना दिया है। नतीजतन, हमारे पास भारत के कुछ हिस्सों से रिपोर्ट आती है कि निर्दोष मु’सलमानों पर हम’ले हो रहे हैं और मरीजों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर चिकित्सा से वंचित रखा गया है। बयान में कहा गया है कि मुसलमा’नों पर वा’यरस फैलाने वाली भीड़ द्वारा दिल्ली में मस्जिद पर हम’ला, मुख्यधारा के मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित इस्लामोफोबिक सामग्री का परिणाम है।”

इस बीच बयान में ये भी कहा गया है कि कुछ राज्य सरकारों ने इस बात को गंभीर’ता से लिया है और। नफ़’रत फेलाने वालो को सख्त कार्रवा’ई करने की चेताव’नी दी है। यह बदकिस्म’ती है के इस वाय’रस को रोकने के लिए अब तक हमारी सरकार भी कुछ नहीं के पाई है। वहीं दूसरी ओर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी कोरो’ना वा’यरस के मामलों को तब्लीगी मार्काज़ से जुड़े मामलों की संख्या को संद’र्भित करते हैं जो सांप्रदायिक आग में ईंधन डालने के समान हैं।

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