आप सभी जानते है की इन दिनों किसान आंदोलन की चर्चा हर तरफ हो रही है कृषि कानून को लेकर किसान काफी दिनों से आंदोलन कर रहे है इस आंदोलन को लेकर सरकार किसानो को समझ नहीं पा रही है इस बात से न कर नहीं किया जा सकता है कि मो’दी सर कार किसानों को सम झने में अस मर्थ नजर आ रही है, आपको बता दें कि उन्होंने जो भी रण निती बनाई है सभी विफल सा बित हो रही है, एक के बाद एक बैठक नाका मयाब होने के बाद किसान सरहदों पर डटे हुए हैं, खास तौर पर गांव गांव में भाज पा के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है, ऐसे में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने बताया कि इन दिनों,

गावो का माहौल गर्म है, खास तौर पर भाजपा नेता गांवों में जाने से परहेज़ करे‌, जिस स्तर पर गांवों में महा पंचायत हो रही है और इसके साथ साथ गांवों के लोग जाग रूक हो रहे हैं, सभी चीजें को ज्ञान उन्हें हो रहा है, नरेश टिकैत ने आगे बताया कि अगर कोई भाजपा नेता गांवों में जाता है तो किसान उनसे गन्ने की रे’ट बिजली का रेट तीन कृषि कानुनों पर सवाल करेंगे, ऐसे मे कोई अप्रिय घटना घट सकती है.

नरेश टिकैत बीते मंगलवार को पगड़ी संभाल दिवस कार्यक्रम में पहुंचे,उन्होंने बताया कि वहां सर कार पुर्ण बहुमत में हैं लेकिन फिर भी भाजपा नेता का विरोध हो रहा है, सर कार को इस पर विचार करना चाहिए और सर कार किसानों की बात समझ नहीं हो रहे हैं, सर कार जिस, तरह किसानों को सम झने में भुल कर रही है आगे आने वाले वक्त में ये रवैया सर कार को बहुत भारी पड़ सकता है, वहीँ किसान भी पीछे नहीं हट रहे हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published.