मुंबई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं का दल-बदल करने का अभियान जारी है. इस दल-बदल कार्यक्रम में सबसे ज़्यादा नुक़सान इस बार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को हुआ है. एनसीपी से कई नेता भाजपा और शिवसेना में गए हैं. जहाँ एक ओर एनसीपी के बड़े नेता इसको लेकर चिंतित हैं वहीँ एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के तेवर में कोई भी कमी नहीं है.

विधानसभा चुनाव से पहले एनसीपी छोड़कर सत्तारूढ़ भाजपा और शिवसेना में जाने वाले अपने पुराने साथियों पर टिपण्णी करते हुए वरिष्ठ नेता शरद पवार ने रविवार को ऐसे सभी नेताओं को ‘कायर’ कहा है जो पार्टी छोड़कर सत्ताधारी दल में शामिल हो गए हैं. पवार ने कहा कि लोग आगामी विधानसभा चुनावों में उन्हें उनका सही स्थान दिखायेंगे.

उन्होंने मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की सांगली और कोल्हापुर यात्रा से पहले उन पर निशा’ना साधा. उन्होंने कहा, ‘वह (फडणवीस) कुछ घंटों के लिए केवल एक बार वहां (बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में) गए और फिर कभी नहीं गए.’ उन्होंने भाजपा में शामिल होने वाले अपने पूर्व सहयोगियों की भी निंदा की. उन्होंने कहा, ‘वे कायर हैं… महाराष्ट्र के लोग चुनावों में इस तरह के लोगों को ध्यान में रखेंगे.’

पार्टी के पूर्व नेता उदयनराजे भोसले सांसद के रूप में इस्तीफा देकर कल भाजपा में शामिल हो गये थे. पवार ने अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर भी राजग सरकार पर नि’शाना साधा. उल्लेखनीय है कि जल्द ही महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. चुनाव की घोषणा होने से पहले सभी दल अपने अपने तौर पर सियासी गठबंधन को मज़बूत करने में लगे हैं.

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