छठे चरण की आठों सीटों पर मुश्किल में NDA, महागठबंधन की हवा में उड़ी पार्टियाँ?.. सीवान में ये स्थिति…

छठे चरण का मतदान पूरा हो चुका है. इस चरण में बिहार की आठ सीटों के लिए भी मतदान हुआ. जिन आठ सीटों पर मतदान हुआ है वो सीटें हैं वाल्मीकिनगर, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, शिवहर, वैशाली, सीवान, गोपालगंज और महाराजगंज. रविवार को इन सीटों पर मतदान हुआ, आपको बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में इन सीटों पर राजद का क़ब्ज़ा था. 8 में से 7 सीटें भाजपा ने जीती थीं जबकि एक सीट लोजेपा को मिली थी. लोजेपा वैशाली लोकसभा सीट से विजयी हुई थी.

इस बार जब टिकट वितरण हुआ तो इनमें राजग ने चार सांसदों के टिकट काट दिए. जदयू इस बार भाजपा के साथ गठबंधन में है तो तीन सीटें तो जदयू के खाते में चली गईं जबकि लोजेपा ने वैशाली सीट से अपना उम्मीद’वार बदल दिया. इन सभी आठ सीटों पर मुक़ाबला सीधा राजग और महागठबंधन के बीच रहा. क्षेत्रीय जानकार बताते हैं कि बिहार में भाजपा और जदयू समर्थकों में ख़ास उत्साह इस बार नज़र नहीं आ रहा है.

भाजपा समर्थक जिस प्रकार पिछली बार ‘मोदी-मोदी’ के नारों को ख़ुद गा रहा था, अब नहीं कर रहा है.दूसरी ओर महागठबंधन ने पूरे जोश के साथ प्रचार किया और बूथों पर भी महागठबंधन मज़बूती से डटा दिखाई दिया. जदयू समर्थक भी कुछ असमंजस में रहे कि क्या करना है. जिस प्रकार से राजद और महागठबंधन के दूसरे दलों ने तत्परता दिखाई है उसका फ़ायदा उन्हें मिल सकता है. इस चरण में पूर्वी चंपारण लोकसभा सीट से केन्द्रीय मंत्री राधामोहन सिंह का सीधा मुकाबला रालोसपा से है. रालोस्पा ने इस सीट पर आकाश सिंह को उम्मीद’वार बनाया है.

सबसे दिलचस्प मुक़ाबला सीवान में है, यहाँ राजद नेता मुहम्मद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब मैदान में हैं जो जदयू की कविता सिंह को टक्कर दे रही हैं. स्थिति जो बन रही है उसके मुताबिक़ मुसलमान और यादव वोट पूरी तरह से राजद के पक्ष में गया है और यही वजह है कि महागठबंधन के जीतने की संभावना अधिक दिख रही है. सीपीआई(माले) के महागठबंधन में शामिल होने की वजह से भी सीवान जैसी सीट पर राजद मज़बूत हो गई है.

इस चरण की आठ सीटों में से राजग के लिए सीटें बचाना मुश्किल दिख रहा है. भाजपा के नेता भी दबी ज़बान में कहते हैं कि इस बार बहुत अच्छा प्रदर्शन रहा तो 4 सीटें वो जीत जायेंगे जबकि बाकी सीटों पर महागठबंधन हावी है. सीवान, महाराजगंज,और वैशाली में माना जा रहा है कि महागठबंधन के पक्ष में माहौल देखा गया है जबकि बाक़ी सीटों पर भी कड़ा मुक़ाबला है. ऐसे में देखा जाए तो इस बार इन 8 सीटों के नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं.