पटना. बिहार विधानसभा चुनाव ख़’त्म हो चुके हैं और नई सरकार का ग’ठन भी हो चुका है. NDA एक तरफ़ अपनी सरकार को स्थिर करने की कोशिश में है तो दूसरी ओर महागठबंधन ने उम्मीद नहीं छोड़ी है. महागठबंधन पूरे ज़ोर-शोर से लग गया है कि मतगणना को लेकर जो स’वाल उठाये गए हैं उनको अदा’लतों तक लेकर जाया जाए. ख़बर है कि महागठबंधन के 21 प्रत्याशी अदालत का दरवाज़ा ख’टखटाएंगे. बिहार विधानसभा चुनाव 2020 (Bihar Assembly Elections 2020) में महागठबंधन के वो प्रत्याशी जो बेहद कम अंतर से हारे हैं, अदाल’त जायेंगे.

तेजस्वी यादव ने भी साफ़ किया है कि राजद (RJD) इस मामले में पूरी ता’कत के साथ खड़ी है और पूरी जी जान लगा देगी. इन 21 प्रत्याशियों में से सबसे ज्यादा आरजेडी के उम्मीदवार हैं. आरजेडी के 14, सीपीआई माले के 3, सीपीआई के 1 और कांग्रेस पार्टी के 3 उम्मीदवार कोर्ट जाने की तैयारी में है. महागठबंधन के इस रुख से साफ़ है कि अब वो इस ल’ड़ाई को आर-पार की लड़ाई बनाएगी.

राजद सांसद और प्रवक्ता मनोज झा ने कहा,”जनता जनार्दन के ‘फैसले’ और प्रशासन द्वारा जारी ‘नतीजों’ के बीच के फासले को समझने के लिए ज़रूरी है कि ‘जनादेश प्रबंधन’ की अदभुत कला को समझा जाये।ये कला सबको उपलब्ध नहीं है इसलिए बिहार के युवा, संविदा कर्मी, नियोजित शिक्षक स्तब्ध है। बिहार अभी ‘खुला’ हुआ है।”

आपको बता दें कि हिलसा विधानसभा सीट से राजद प्रत्याशी शक्ति सिंह यादव महज़ 12 वोटों से जदयू उम्मीदवार से हार गए. भोरे में जदयू उम्मीदवार ने सीपीआई (माले) के उम्मीदवार को 462 वोटों से हराया वहीं बेगुसराय विधानसभा सीट पर बीजेपी के सुरेंद्र मेहता ने सीपीआई के अवधेश कुमार राय को 484 मतों के कम अंतर से हराया था. चकाई विधानसभा सीट से निर्दलीय सुमित कुमार सिंह ने आरजेडी के सावित्री देवी को 581 मतों के कम अंतर से हराया. राजद का आरोप है कि बैलेट पेपर काउंटिंग में विशेष धाँधली हुई है और इसको लेकर वो अदालत जायेगी.(साभार- भारत दुनिया)

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