चांद पर पहला कदम रखने वाले नील आर्मस्ट्रांग ने कबूला था इस्लाम! जानें इस दावे के पीछे क्या है सच…

November 5, 2021 by No Comments

चांद पर पहली बार पैर रखने वाले शख्स का नाम हम सभी जानते हैं। 52 साल पहले चांद पर पहुंचने वाले पहले अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री का नाम नील आर्मस्ट्रांग है। जब वो चांद से वापस धरती पर लौटे तो यह अफवाहें फैलने लगी कि उन्होंने चांद पर अजान की आवाज सुनी थी। जिसके बाद उन्होंने इस्लाम कबूल कर लिया। आज हम आपको इस बारे में बताने जा रहे हैं।

16 जुलाई 1969 को लॉन्च अपोलो 11 मिशन संपन्न होने के कुछ समय बाद एक किस्सा मशहूर हुआ कि आर्मस्ट्रॉन्ग ने इस्लाम कबूल कर लिया। क्योंकि चांद पर उन्हें अज़ान सुनाई दी थी। आइए जानें कि कितना सच था ये किस्सा और झूठ था तो पूरा माजरा क्या था। दावे के मुताबिक चांद पर गए अपोलो 11 के क्रू सदस्यों ने ‘एक अजनबी सी आवाज सुनी, लेकिन वो उस भाषा या ध्वनि का अर्थ नहीं समझे’ थे।

बाद में जब आर्मस्ट्रॉन्ग इजिप्ट में थे, तब उन्होंने वैसी ही ध्वनि सुनी और पूछताछ करने पर उन्हें पता चला कि वो अज़ान थी। ये जानते ही आर्मस्ट्रॉन्ग ने इस्लाम कबूल कर लिया था। आइए, अब जानें कि इस दावे के पीछे क्या माजरा था और कैसे इस दावे की हकीकत सामने आई।

80 के दशक में इंडोनेशिया के एक गायक सुहाएमी ने एक गाना बनाया था। जिसमें उल्लेख था कि ‘चांद पर अज़ान की आवाज़ गूंजी’ इस गाने में आर्मस्ट्रॉन्ग के इस्लाम कबूल करने का ज़िक्र भी था। इंडोनेशियाई मीडिया में इस गाने के बाद इस दावे को हाथों हाथ लिया गया और तरह तरह की खबरें छपी। लेकिन 1983 में अमेरिका ने इन्हें अफ़वाह बताते हुए खंडन किया।

इस मामले पर एडविन के लिखे इस पूरे लेख में कहीं ऐसा ज़िक्र नहीं था कि कोई ध्वनि या अज़ान जैसी आवाज़ सुनाई दी हो। आर्मस्ट्रॉन्ग के सहयोगी की चिट्ठीजब ये अफ़वाहें फैलीं तो आर्मस्ट्रॉन्ग के सहयोगी विवियन ने एशियन रिसर्च सेंटर इंटरनेशल क्रिश्चियन फेलोशिप के डायरेक्टर फिल पार्शल को चिट्ठी लिखी थी।

आर्मस्ट्रॉन्ग की तरफ से ये साफ जवाब दिया जाता है कि आर्मस्ट्रॉन्ग के इस्लाम कबूल कर लेने या चांद पर अज़ान सुनाई देने संबंधी जो चर्चाएं की जा रही हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है।

मलेशिया, इंडोनेशिया और दूसरे देशों में इस तरह की खबरें छप रही हैं। लेकिन इनमें किसी सत्यता का आधार नहीं लिया गया है। इस्लाम कबूल करने की अफ़वाह इस कदर ज़ोर पकड़े हुए थी कि आर्मस्ट्रॉन्ग की जीवनी में इस बारे में उल्लेख किए गए और इसका खंडन किया गया।

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