महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों के नतीजों की घोषणा 24 अक्टूबर को होने के बाद से ही महाराष्ट्र की राजनीति में लगातार उठापटक का माहौल बना हुआ है। और एक बेहतरीन सस्पेंस बॉलीवुड की फ़िल्म की तरह महाराष्ट्र का ‘सरकार राज’ अभी तक सस्पेंस में ही है। हां, लोग ज़रूर अपने-अपने कयास लगाते रहते हैं। ख़बरों को सुनकर-पढ़कर यह अंदाज़ा लगाने में देर नहीं लगती, की राजनीति बस अवसर का ही खेल है। जहां धुर-विरोधी एक साथ आ सकते हैं, और सालों से एक-दूसरे के मित्र रहे राजनीतिक दल अलग हो सकते हैं।

महाराष्ट्र के सुपरहिट सस्पेंस ‘सरकार राज’ का ऊंट अन्ततः किस करवट बैठेगा, यह तो अभी कहना मुश्किल है, लेकिन, हां, राजनीतिक गलियारों में एक-दूसरे से रूठे हुए दलों के एक बार फिर से साथ आने की सुगबुगाहट ज़रूर सुनी जा सकती है। बता दें कि केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में इस बात का ख़ुलासा किया है, अठावले ने बताया कि बीजेपी और शिवसेना में समझौते के लिए उन्होंने शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत से बातचीत की है।

उन्होंने कहा कि मैंने शिवसेना को एक फार्मूला सुझाया है। जिसके अनुसार 3 साल मुख्यमंत्री पद बीजेपी संभालेगी। और 2 साल शिवसेना मुख्यमंत्री पद पर आसीन होगी। अठावले का कहना था, कि उनके इस फार्मूले के जवाब में संजय राउत ने कहा है, कि अगर बीजेपी इस बात पर सहमत है, तो इस बात पर विचार किया जा सकता है। और बीजेपी के साथ चर्चा भी की जा सकती है।

रामदास अठावले रविवार को भी अपनी इस बात का संकेत दे चुके हैं, कि शिवसेना और बीजेपी एक बार फिर से एक साथ आ सकते हैं। अठावले ने कहा था कि अमित शाह ने उनसे कहा है कि चिंता की बात नहीं है। महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना ही मिलकर स्थिर सरकार बनाएंगे। रामदास अठावले पहले भी इस बात को कहते रहे हैं, कि जनता के जनादेश को देखते हुए राज्य में बीजेपी और शिवसेना गठबंधन को ही सरकार बनाना चाहिए।

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