नीतीश सरकार की हुई फजीहत, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की अपील और लगाया भारी भरकम जुर्माना..

April 2, 2021 by No Comments

बिहार में सत्तारूढ़ नीतीश कुमार की सरकार की एक अर्जी को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश सरकार को कोर्ट का समय बर्बाद करने के लिए 20000 का जुर्माना भी लगाया है। विभिन्न पक्षों के एक मामले पर सहमत होने के बाद पटना हाई कोर्ट ने मामले का निस्तारण करने से यह अपील जुड़ी हुई थी।

न्यायमूर्ति एस. के. कौल और न्यायमूर्ति आर. एस. रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार ने हाई कोर्ट की खंडपीठ के आदेश के खिलाफ पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल की थी। बताया जाता है कि हाईकोर्ट ने इसकी याचिका का सहमति के आधार पर निस्तारण कर दिया था।

इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पटना हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि इस मामले में कुछ समय सुनवाई के बाद नीतीश सरकार की तरफ से पेश हुए वकील ने संयुक्त रूप से आग्रह किया कि अपील का सहमति के आधार पर निपटारा किया जाए।

पीठ ने कहा, “इसके बाद सहमति के आधार पर नि’पटारा कर दिया गया। इसके बावजूद विशेष अनुमति याचिका दायर की गई। हम इसे अदालती प्रक्रिया का पूरी तरह दुरुपयोग मानते हैं और वह भी एक राज्य सरकार द्वारा। यह अदालत के समय की भी ब’र्बादी है।”

इस मामले में कोर्ट की बेंच ने 22 मार्च के अपने आदेश में है कहा है कि इस तरह हम एसएलपी पर 20000 का जुर्माना करते हैं। जिसे चार हफ्ते के अंदर सुप्रीम कोर्ट समूह ‘सी’ (गैर लिपिकीय) कर्मचारी कल्याण संगठन के पास जमा कराया जाए।” सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार यह जुर्माना उन अधिकारियों से वसूले, जो इस ‘दु:सा’हस’ के लिए जिम्मेदार हैं।

हाई कोर्ट के एकल न्यायाधीश की पीठ ने दिसंबर 2018 में एक नौकरशाह की याचिका पर फैसला सुनाया था, जिसमें उन्होंने जून 2016 में सेवा से बर्खास्त करने के सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। नौकरशाह के खिलाफ कथित तौर पर अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई थी, उन्हें निलंबित कर दिया गया और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई।

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