जदयू पर हावी हो रही भाजपा! नीतीश कैबिनेट के मंत्री ही कर रहे…

March 22, 2021 by No Comments

साल 2020 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल सबसे बड़ी पार्टी बनकर उ’भरी थी। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी दूसरे नंबर पर आई वही जनता दल यूनाइटेड जो कि बिहार की प्रमुख राजनीतिक दलों में से एक जनता दल यूनाइटेड का नंबर तीसरे पर जा पहुंचा।

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे में एनडीए में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बड़े भाई से छोटे भाई हो गए हैं और भाजपा बड़े भाई की भूमिका में उभरी थी। नीतीश कुमार की अगुवाई वाली जनता दल यूनाइटेड को सिर्फ 43 सीटों पर ही जीत मिली। जबकि भारतीय जनता पार्टी बिहार में 74 सीटों पर जीत कायम करने में कामयाब हुई चुनाव में एनडीए को 125 सीटें महागठबंधन को 110 सीटें मिली थी।

अब कई ऐसे घटनाक्रम बिहार की राजनीति को हवा दे रहे हैं। जिससे स्पष्ट दिख रहा है कि अब भाजपा नीतीश कुमार पर हावी हो चली है। दरअसल भाजपा ने सबसे पहले नीतीश कुमार और सुशील मोदी की जोड़ी को तोडा। जो कि बीते 14 सालों से एक साथ थी। दूसरी तरफ भाजपा ने नीतीश कुमार के साथ अपने कोटे से दो उप मुख्यमंत्री बनाएं।

 

भाजपा ने इन दोनों नेताओं को एक बड़ी जिम्मेदारी दी है कि राज्य में हो रहे विकास में भाजपा की भागीदारी भी नजर आनी चाहिए। कुछ महीने पहले ही गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में यह बात सामने आई थी।

जब नीतीश कैबिनेट का विस्तार नहीं हो पा रहा था। तो इसको लेकर कई बार नीतीश कुमार और जनता दल यूनाइटेड के नेताओं ने आ’रोप लगाए थे कि भाजपा की वजह से कैबिनेट विस्तार नहीं हो पा रहा है। भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन को उद्योग मंत्री बनाकर बिहार की राजनीति में अपनी सियासी जमीन तैयार करने की जिम्मेदारी दी है। ऐसा पहली बार नजर आ रहा है कि बिहार विधानसभा सदन में नीतीश कैबिनेट के मंत्री ही अपने स्पीकर पर हावी हो रहे हैं और उन्हें फ’टकार लगा रहे हैं।

वहीँ बिहार में एनडीए की सरकार बनने के ठीक एक महीने बाद ही अरूणाचल प्रदेश जदयू इकाई के 6 विधायक भाजपा में शामिल हो गए। जिसको लेकर पार्टी की तरफ से गहरी प्रतिक्रिया दी गई।

पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपीसी सिंह ने इशारों हीं इशारों में बीजेपी को चे’तावनी दे डाली। उन्होंने कहा था, “हम जिनके साथ रहते हैं, पूरी इमानदारी से रहते हैं। सा’जिश नहीं रचते और किसी को धो’खा नहीं देते हैं। हम सहयोगी के प्रति ईमानदार रहते हैं लेकिन कोई हमारे संस्कारों को कमजोरी न समझे।”ऐसा पहली बार बिहार विधानसभा सदन में देखने को मिल रहा है जब नीतीश कैबिनेट के मंत्री ही अपने स्पीकर पर हावी हो रहे हैं और उन्हें फटकार लगा रहे हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *