नीतीश कुमार के झ’टके के बाद भाजपा में ह’ड़कंप, अब लालू यादव को फिर..

August 8, 2022 by No Comments

सूत्रों के मुताबिक सीएम नीतीश कुमार तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनता दल (राजद), वाम मोर्चा और कांग्रेस के साथ एक वैकल्पिक सरकार बनाने की योजना बना रहे हैं. दरअसल पार्टी के अधिकांश विधायक मध्यावधि चुनाव नहीं चाहते हैं. इसलिए अन्य पार्टियों से सरकार बनाने को लेकर बातचीत चल रही है. ऐसा माना जा रहा है कि अब लालू यादव की पार्टी का सत्ता में आना लगभग तय हो गया है.

जेडीयू का आरोप है कि बीजेपी उनकी पार्टी तोड़ने की कोशिश कर रही है और आरसीपी सिंह के ज़रिए जेडीयू को नुक़सान पहुंचाने में लगी है. रविवार को पार्टी ने सार्वजनिक तौर पर बीजेपी पर हमला भी बोला. जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन ने बीजेपी का नाम लिए बिना उनपर साजिश रचने का आरोप लगाया और उन्हें “उचित समय पर” बेनकाब करने की धमकी दी थी.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को अपनी पार्टी के सभी विधायकों और सांसदों की बैठक भी बुलाई है, जिससे की गठबंधन टूटने की अटकलें तेज हो गई हैं. कल शाम राज्य के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और बिहार इकाई के अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल के नेतृत्व में बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री और नीतीश कुमार के करीबी विजय कुमार चौधरी से मुलाकात हुई थी.

तभी से चर्चा है कि तारकिशोर नीतीश से मिलेंगे. ये मुलाकात आज हो सकती है. मुलाकात के दौरान राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होने की संभावना है. दूसरी ओर कांग्रेस ने भी अपने विधायकों की एक बैठक पटना में बुलाई है. नीतीश के करीबी सूत्रों का कहना है कि जिस तरह से बिहार भाजपा नेताओं द्वारा उन पर हमला किया जा रहा है, उससे वह नाराज हैं.

नीतीश कुमार चाहते हैं कि बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा को हटा दिया जाए. मुख्यमंत्री ने विजय कुमार सिन्हा पर कई बार अपना आपा खोया है, उन पर नीतीश कुमार ने अपनी सरकार के खिलाफ सवाल उठाकर संविधान का खुले तौर पर उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.

नीतीश कुमार इस बात से भी नाराज हैं कि जून 2019 में नरेंद्र मोदी सरकार में केवल एक ही मंत्री पद की पेशकश उनकी पार्टी के लिए की गई थी. जेडीयू प्रमुख राज्य और राष्ट्रीय चुनाव एक साथ कराने के भी खिलाफ हैं. राज्यों और संसद के चुनाव एक साथ कराने का विचार पीएम मोदी ने किया था, जिसका विपक्ष ने कड़ा विरोध किया है. यह उन मुद्दों में से एक था, जहां जेडीयू को विपक्ष के साथ आम जमीन मिली.

नीतीश कुमार बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा सहयोगियों को केंद्रीय मंत्रियों के रूप में सांकेतिक प्रतिनिधित्व की पेशकश पर भी नाराज हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह, जिन्होंने शनिवार को जेडीयू छोड़ दी थी, उन्होंने केंद्रीय मंत्री बनने के लिए नीतीश कुमार को दरकिनार करते हुए, बीजेपी नेतृत्व से सीधे तौर पर बातचीत की थी. जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन (ललन) सिंह ने रविवार को कहा, “केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की क्या जरूरत है? मुख्यमंत्री ने 2019 में फैसला किया था कि हम केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं होंगे.”

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