बहिश्ता कहाँ है जल्दी घर लौटो, ता’लि’बान ने शहर में दाखिल हो रहे है, अफगान महिला पत्रकार बेहेश्ता अरघंद ने कहा, उनकी मां ने रविवार दोपहर टेलीफोन कॉल में ता’लिबा’न के आने की सूचना दी अफ़ग़ान महिला पत्रकार बेहेष्टा अरघंद, अफ़ग़ान टेलीविज़न नेटवर्क टोलो से जुड़ी हैं रविवार को ता’लिबा’न के राजधानी काबुल में घुसने के समय को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वह किसी निजी काम से बाजार गई थीं, तभी उन्हें घर से फोन आया।

वाइस ऑफ अमरीका से बात करते हुए, बेहेष्टा ने कहा कि उनके परिवार का डर साफ था क्योंकि ता’लि’बान उनके घर के पास से ही गुजर रहे थे उनके अनुसार, यह सब अफगान लोगों के लिए एक आश्चर्य की बात थी क्योंकि उन्हें लगा कि ता’लिबान शहर से बहुत दूर हैं और उनका ध्यान अन्य क्षेत्रों पर है उन्होंने कहा कि अफगान लोगों को भी उम्मीद थी कि अगर स्थिति गंभीर होती है, तो सरकार और तालि’बान युद्धविराम या समझौते पर सहमत होंगे।

अफगान महिला पत्रकार ने कहा कि वह कॉल प्राप्त करने के बाद घर चली गई जब उन्होंने घर जाकर टीवी ऑन किया और सोशल मीडिया साइट्स देखीं तो ता’लि’बान चारों तरफ फैल चुके थे जिसके बाद उनका डर और बढ़ गया था उन्हीने कहा कि उसने पिछले ता’लिबा’न युग की कहानियाँ सुन रखी थी जिसकी वजह से एक महिला के रूप में, उसका डर वास्तविक था Beheshta Arghand के अनुसार, ता’लिबा’न ने उनके टेलीविजन स्टेशन का भी दौरा किया और प्रशासन को सूचित किया कि वे प्रसारण जारी रख सकते हैं, जिसके बाद उन्होंने अपनी एजेंसी से संपर्क किया और मंगलवार को ड्यूटी पर लौट आई।

उन्होंने कहा कि हालांकि कार्यालय का माहौल बहुत सुखद नहीं था, लेकिन बहुत बु’रा भी नहीं था सुबह-सुबह उन्होंने टोलो न्यूज खबर नामें के साथ शुरुआत की बेहेष्टा के अनुसार, वह नियमित रूप से सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक ‘नीमा वार्स’ कार्यक्रम की मेजबानी करती हैं जिसमें वर्तमान स्थिति, राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जाती है और मेहमानों को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाता है उनके अनुसार, वह सामान्य समाचार पढ़ रही थीं, तभी उन्होंने अचानक ता’लि’बान को स्टूडियो में प्रवेश करते देखा, जिसके बाद वह ड’र गईं।

हालांकि, प्रोड्यूसर द्वारा उन्हें दिलासा देने के बाद उनकी हिम्मत बढ़ी, जिसके बाद ता’लिबा’न मीडिया टीम के सदस्य मौलवी अब्दुल हक हम्माद शो में उनके अतिथि बने Beheshta आगे कहती हैं कि शो की शुरुआत में, ता’लिबा’न मेहमान के सामने उनके दिल में वसवसे आरहे थे कि ता’लिबा’न उनके सिर के स्कार्फ की शैली पर आपत्ति न करें , कपड़े के पहनावे उन्हें एतेराज़ न हो हालांकि, जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ता गया, उन्हें इतमिनान होता गया।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के अंत में ता’लिबा’न मेहमान उनके पास आए और कहा, “बहन, मुझे आपसे मिलकर खुशी हुई।” ड’रने की जरूरत नहीं है, सब ठीक हो जाएगा.” जिसके बाद उनके हौसले दोगुने हो गए बेहेष्टा का कहना है कि उस दिन से उन्होंने अपने कार्यालय में कोई ता’लि’बान नहीं देखा है, लेकिन वह उन्हें सड़कों पर देखती है गौरतलब है कि मंगलवार की सुबह टोलो टेलीविजन के प्रबंधन ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट जारी कर लिखा था कि ”न्यूज एंकर बेहेष्ट अरघंद तालिबान मीडिया टीम के सदस्य मौलवी अब्दुल हक हम्माद के साथ काबुल के हालात पर चर्चा कर रहे थे बाद में मेरा फ़ोटो दुनिया भर में वायरल हो गई।

ता’लिबा’न के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने मंगलवार शाम को अपनी पहली प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि महिलाओं को इस्लामी दायरे में रह कर काम करने की अनुमति दी जाएगी बहेश्ता अरघंद का कहना है कि ता’लिबान से बातचीत के बाद तालि’बान का ड’र दूर हो गया है और उनके परिवार को काम के लिए घर से निकलने की कोई चिंता नहीं है हालांकि अफगानिस्तान में रहने वाली अन्य महिलाओं का कहना है कि जब तक ता’लिबान उन्हें अपनी रणनीति स्पष्ट नहीं कर देता। उनके सिर पर भय के बादल मंडराते रहेंगे।

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