लालू के मुस्लिम वोट बैंक में ओवैसी कर पाएंगे सेंधमा’री? इन मुस्लिम बहुल सीटों पर..

October 13, 2020 by No Comments

बिहार विधानसभा के तो विभिन्न दलों के बीच वि’भा’जित होने की संभावना बनी हुई है। लेकिन मु’स्लिम वोटों को लेकर अभी कुछ भी कह पाना मु’श्कि’ल है। यह माना जा रहा है कि इस बार 17 फ़ीसदी मु’स्लि’म वोट 5 दर्जन से भी ज्यादा सीटों पर निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

आपको बता दें कि बिहार में पिछड़ा वर्ग के बाद सबसे ज्यादा मत मु’स्लि’म समुदाय से ही आते हैं बिहार में करीब 60-65 फीसदी सीटें ऐसी हैं जहां मु’स्लि’म मतदाताओं की आबादी 20-70 फीसदी के बीच है। इसलिए इन सीटों पर यदि उनके मत एकजुट होकर किसी एक उम्मीदवार को जाते हैं तो उसका असर निश्चित है। कोचधमन, आमौर, जोखीहाट, बलरामपुर, मनिहारी, सिकटा आदि ऐसी सीटें हैं जो मुस्लिम वोटर बहुतायत हैं।

माना जा रहा है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में राम मंदिर नागरिकता कानून जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे। जिससे वोटों का ध्रु’वीक’रण होगा। यह ध्रु’वीकर’ण मु’स्लिम वोटों को एकजुट करने में कामगार साबित हो सकता है। आपको बता दें कि ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी हैदराबाद से बाहर किसी भी सूबे में चुनाव लड़ने के लिए जाते हैं। तो उन पर संदेह किया जाता है।

दरअसल दूसरे राज्यों में बिना संगठन और तैयारियों के वे चुनाव ल’ड़ते हैं तो यह माना जाता है कि किसी और के ईशारे पर वे मुस्लिम मतों को बिखराने के लिए आए हैं। इसलिए बहुत ज्यादा उनका असर नहीं होगा। यदि कोई अच्छा उम्मीदवार उतारने में वह सफल रहते हैं तो उम्मीदवार के व्यक्तिगत प्रभाव भले ही काम आ जाए।

ये भी कहा जाता है कि ईबीसी मत जहां कई पार्टियों के बीच बंटते हैं। वहीं मुस्लिम आमतौर पर एकजुट होकर एनडीए के विपरीत जाते हैं। पिछली बार मुस्लिम मतों के एकजुट होकर महागठबंधन को पड़ने से जदयू, राजद तथा कांग्रेस तीनों दलों को अपने-अपने हिस्से की सीटों पर फायदा मिला था।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *