महागठबंधन के साथ इन सीटों पर जीत हासिल करेंगे वामदल, कन्हैया कुमार को इस सीट से..

October 19, 2020 by No Comments

बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव में इस बार वा’मपं’थी दलों ने महागठबंधन को जिताने के लिए उनका साथ दिया है। लेकिन यह कहना गलत नहीं होगा कि वामपंथी दलों ने मिलकर यह फैसला इसलिए लिया है। ताकि भाजपा को इस चुनाव में हराया जा सके। वामपंथी दलों की रणनीति राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ सत्ता वि’रो’धी लहर को बनाना है। लेकिन सवाल यह भी उठ रहे हैं कि लगातार सिमट रहे वामपंथी दलों में से कितने सफल हो पाएंगे।

बिहार की जा’तीय राजनीति में केंद्र और राज्य की नाकामियों का वर्णन किया जाना राज्य की जनता पर क्या प्रभाव डालेगा। इस मामले में एक वामपंथी नेता का कहना है कि हम सिर्फ सीटें जीतने के लिए चुनाव नहीं ल’ड़ते हैं। हम चुनाव इसलिए ल’ड़ते हैं ताकि जो अहम मुद्दे हैं उन्हें जनता के सामने रखा जा सके।

हम इस बिहार विधानसभा चुनाव में राज्य की जनता को नीतीश सरकार और मोदी सरकार की विफलताओं के बारे में बताएंगे और उन्हें इस से रूबरू करवाएंगे। लोगों को हम बता रहे हैं कि किस तरह से सरकार असली मुद्दों से उनका ध्यान भ’टकाने की कोशिश कर रही है।

आपको बता दें कि बे’रोज’गारी, आर्थिक विफलता, आ’तंकवा’द एवं ध’र्म के नाम पर मतों के ध्रु’वीक’रण को बेनकाब करेंगे। पिछले चुनाव में वामदल महागठबंधन का हिस्सा नहीं थे और अलग चुनाव लड़े थे। नतीजा यह हुआ था कि सिर्फ तीन सीटें भाकपा-माले को मिली थीं। भाकपा और माकपा खाली हाथ रहे थे। इस बार तीनों दलों को गठबंधन में 29 सीटें मिली हैं। माले 19, माकपा चार तथा भाकपा छह सीटों पर ल’ड़ रही है।

गौरतलब है कि बिहार में वामपंथी दलों का वोट प्रतिशत बीते चुनावों में तीन से चार पीस दी के बीच रहा है। लेकिन कुछ सीटों पर वामपंथी दलों की पकड़ काफी अच्छी रही है। ऐसे में अगर अच्छे उम्मीदवार हो तो महागठबंधन में उन्हें कई सीटों पर कामयाबी मिलने की संभावना बन सकती है।

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